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पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान का शैक्षणिक भ्रमण किया

पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के छात्र-छात्राओं ने बड़ी स्थित नारायण सेवा संस्थान का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को दिव्यांग जनों के लिए किए जा रहे कार्यों, उनकी चिकित्सा सेवाओं और उनके पुनर्वास कार्यक्रमों के बारे में जानकारी प्रदान करना था।

PMCH की टीम ने किया कमाल!

उदयपुर के PMCH अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की मेहनत और सूझबूझ से 38 वर्षीय मरीज की आंखों की रोशनी बचाई गई। मस्तिष्क के पास पहुंची लोहे की वस्तु को सफल ऑपरेशन के जरिए निकाला गया। यह सफलता हमारे डॉक्टर्स की निपुणता और समर्पण का प्रमाण है। PMCH की टीम को बधाई!

पीएमसीएच में ईयूएसएआई के पेसिफिक रॉयल ब्लूज मर्चेंडाइज स्टोर का शुभारंभ

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल परिसर में शुक्रवार को ईयूएसएआई ने अपने नवीनतम पेसिफिक रॉयल ब्लूज मर्चेंडाइज स्टोर का उद्घाटन किया । स्टोर का उद्घाटन पीएमसीएच के ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, ईयूएसएआई की प्रेसिडेन्ट डॉ.मधु भंडारकर, रोहित सिंह राजावत ने किया । इस स्टोर पर उच्च गुणवत्ता वाले स्पोर्टस् से सम्बन्धित ट्रेक पेन्ट, टी शर्ट, ट्रेकसूट सहित स्पोर्टस् वियर उत्पादों की एक विस्तृत रेंज उपलब्ध होगी। उद्घाटन के इस अवसर पर ईयूएसएआई की प्रेसिडेन्ट डॉ.मधु भंडारकर ने कहा कि इस स्टोर खोलने का उद्धेश्य स्पोर्टस का प्रचार प्रसार करने साथ ही उसे बढावा देना है जिससें विद्यार्थियों का पढ़ाई के साथ साथ मानसिक और शारीरिक विकास हो सके

पीएमसीएच में उन्नत तकनीक से युक्त बाल चिकित्सा और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई का विस्तारपेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उन्नत • तकनीक से युक्त बाल चिकित्सा और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू और एनआईसीयू) का विस्तार कर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में एक और मील का पत्थर जोड़ा है। पीएमसीएच में अपनी नई विस्तारित बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का उद्घाटन पीएमयू के चेयरपर्सन राहुल अग्रवाल, प्रेसिडेन्ट डॉ. एम. एम. मंगल, पीएमसीएच के ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, बाल एवं नवजात शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर मावडिया एवं डॉ. पुनीत जैन ने किया हैं । इस अवसर पर राहुल अग्रवाल ने बताया कि हमारा उद्देश्य उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना हैं। इस विस्तार के माध्यम से गंभीर चिकित्सा स्थितियों में बच्चों को तत्काल और प्रभावी उपचार की सुविधा का फायदा मिलेगा। उद्घाटन के इस अवसर पर पीढ़ियाट्रिक आईसीयू विशेषज्ञ डॉ. पुनीत जैन ने बताया कि पीआईसीयू और एनआईसीयू में अत्याधुनिक उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया है। इन इकाइयों में विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित नसों की टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी, जो बच्चों की विशेष चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उन्नत • तकनीक से युक्त बाल चिकित्सा और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू और एनआईसीयू) का विस्तार कर अपनी स्वास्थ्य सेवाओं में एक और मील का पत्थर जोड़ा है। पीएमसीएच में अपनी नई विस्तारित बाल चिकित्सा गहन चिकित्सा इकाई (पीआईसीयू) और नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) का उद्घाटन पीएमयू के चेयरपर्सन राहुल अग्रवाल, प्रेसिडेन्ट डॉ. एम. एम. मंगल, पीएमसीएच के ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, बाल एवं नवजात शिशु रोग विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुधीर मावडिया एवं डॉ. पुनीत जैन ने किया हैं । इस अवसर पर राहुल अग्रवाल ने बताया कि हमारा उद्देश्य उदयपुर और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना हैं। इस विस्तार के माध्यम से गंभीर चिकित्सा स्थितियों में बच्चों को तत्काल और प्रभावी उपचार की सुविधा का फायदा मिलेगा। उद्घाटन के इस अवसर पर पीढ़ियाट्रिक आईसीयू विशेषज्ञ डॉ. पुनीत जैन ने बताया कि पीआईसीयू और एनआईसीयू में अत्याधुनिक उपकरण और तकनीक का उपयोग किया गया है। इन इकाइयों में विशेषज्ञ चिकित्सक और प्रशिक्षित नसों की टीम चौबीसों घंटे उपलब्ध रहेगी, जो बच्चों की विशेष चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए तैयार हैं।

वास्कुलर एनास्टोमोसिस पर दो दिवसीय कार्यशाला 4 से

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के सर्जरी विभाग की ओर से वास्कुलर और खून की धमनी को मरम्मत करना ( एनास्टोमोसिस) पर दो दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन 4 एवं 5 दिसम्बर को किया जा रहा है । इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य चिकित्सकों और सर्जनों को एनास्टोमोसिस की नवीनतम तकनीकों और उनकी व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना है। कार्यशाला में लगभग 100 से ज्यादा सर्जन एवं सर्जरी में पीजी कर रहे विघार्थी भाग लेगें । आयोजन सचिव डॉ. गौरव सिंघल ने बताया कि कार्यशाला का उद्घाटन मुख्य अतिथि पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय के चेयरपर्सन राहुल अग्रवाल, प्रिसिंडेन्ट डॉ. एम. एम. मंगल, पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. यू. एस. परिहार, सर्जरी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एच.पी. गुप्ता एवं वास्कुलर सर्जन डॉ. गौरव सिंघल करेगें। डॉ. सिंघल ने बताया कार्यशाला में प्रतिभागियों को महाधमनी ( |वतजं) और आंतों पर व्यावहारिक अनुभव दिया जाएगा। कार्यशाला में विशेषज्ञ प्रशिक्षक सर्जरी के दौरान खून की धमनी को मरम्मत करना ( एनास्टोमोसिस) की प्रक्रियाओं, सही तकनीकों और संभावित जटिलताओं से निपटने के तरीकों पर विस्तृत जानकारी देगें। यह कार्यशाला युवा सर्जनों के लिए बेहद लाभकारी होगी क्योंकि यह उन्हें न केवल सैद्धांतिक अनुभव के साथ साथ व्यावहारिक कौशल भी सिखाएगी, जो सर्जरी में मददगार साबित होगी

जटिल मोतियाबिंद की सर्जरी ने लौटाई रोशनी, पीएमसीएच में सफल ऑपरेशन

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग ने एक 65 बर्षीय व्यक्ति के जटिल मोतियाबिन्द का सफल ऑपरेशन कर उसे आँखो की रोशनी लौटाई । दरअसल अजमेर के किशनगढ़ निवासी को जन्म से ही केवल एक आंख से ही देखता था लेकिन बाद में उसमें भी मोतियाबिंद की वजह से पूरी तरह अंधकार छा गया। कई वर्षों तक इस समस्या से जूझते हुए उन्होंने कई स्थानीय चिकित्सकों से परामर्श लिया, लेकिन अत्यधिक जटिलता और ऑपरेशन में संभावित जोखिम के चलते किसी उच्चस्तरीय सेन्टर पर जाने की सलाह दी। पीड़ित व्यक्ति ने पेसिफिक हॉस्पिटल भीलों का बेदला आया, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र चौधरी को दिखाया तो जांच करने के बाद जटिल मोतियाबिन्द का पता चला और ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने मरीज और उनके परिवार को संभावित जोखिमों के बारे में भी अवगत कराया। मरीज के सफल ऑपरेशन में नेत्र रोग सर्जन डॉ.राजेन्द्र चौधरी, ऐनेस्थिशिया विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. विजय चाहर, डॉ. सलोनी सिंह, हरीश प्रजापत एवं हीरालाल का सहयोग रहा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि मामला इतना जटिल था कि ऑपरेशन के दौरान आंख की संरचना को क्षति पहुंचने और दृष्टि पूरी तरह खत्म होने का खतरा था लेकिन पीएमसीएच में उपलब्ध उच्च स्तरीय सुविधाएं एवं विशेषज्ञो की टीम के चलते यह सम्भव हो पाया। डॉ. चौधरी का कहना था कि मोतियाबिंद जैसे मामलों में समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। अगर मरीज समय रहते परामर्श लें और उचित चिकित्सा प्राप्त करें, तो कई जटिलताओं से बचा जा सकता है। मरीज एवं उसके परिजनो ने मैनेजमेन्ट, चिकित्सको एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।

जटिल मोतियाबिंद की सर्जरी ने लौटाई रोशनी, पीएमसीएच में सफल ऑपरेशन

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के नेत्र रोग विभाग ने एक 65 बर्षीय व्यक्ति के जटिल मोतियाबिन्द का सफल ऑपरेशन कर उसे आँखो की रोशनी लौटाई । दरअसल अजमेर के किशनगढ़ निवासी को जन्म से ही केवल एक आंख से ही देखता था लेकिन बाद में उसमें भी मोतियाबिंद की वजह से पूरी तरह अंधकार छा गया। कई वर्षों तक इस समस्या से जूझते हुए उन्होंने कई स्थानीय चिकित्सकों से परामर्श लिया, लेकिन अत्यधिक जटिलता और ऑपरेशन में संभावित जोखिम के चलते किसी उच्चस्तरीय सेन्टर पर जाने की सलाह दी। पीड़ित व्यक्ति ने पेसिफिक हॉस्पिटल भीलों का बेदला आया, नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र चौधरी को दिखाया तो जांच करने के बाद जटिल मोतियाबिन्द का पता चला और ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। हालांकि, उन्होंने मरीज और उनके परिवार को संभावित जोखिमों के बारे में भी अवगत कराया। मरीज के सफल ऑपरेशन में नेत्र रोग सर्जन डॉ.राजेन्द्र चौधरी, ऐनेस्थिशिया विभाग के डॉ. प्रकाश औदिच्य, डॉ. विजय चाहर, डॉ. सलोनी सिंह, हरीश प्रजापत एवं हीरालाल का सहयोग रहा। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र चौधरी ने बताया कि मामला इतना जटिल था कि ऑपरेशन के दौरान आंख की संरचना को क्षति पहुंचने और दृष्टि पूरी तरह खत्म होने का खतरा था लेकिन पीएमसीएच में उपलब्ध उच्च स्तरीय सुविधाएं एवं विशेषज्ञो की टीम के चलते यह सम्भव हो पाया। डॉ. चौधरी का कहना था कि मोतियाबिंद जैसे मामलों में समय पर उपचार बेहद जरूरी होता है। अगर मरीज समय रहते परामर्श लें और उचित चिकित्सा प्राप्त करें, तो कई जटिलताओं से बचा जा सकता है। मरीज एवं उसके परिजनो ने मैनेजमेन्ट, चिकित्सको एवं उनकी टीम का आभार व्यक्त किया।

सुंदर और स्वस्थ मुस्कान, पीएमसीएच की पहचान!

सुंदर और स्वस्थ मुस्कान, पीएमसीएच की पहचान! 18 वर्षीय युवती को सर्जरी के माध्यम से दिया नया आत्मविश्वास और खुशहाल जीव

PMCH स्पंदन सांस्कृतिक महोत्सव

स्पंदन सांस्कृतिक महोत्सव में PMCH के विद्यार्थियों ने अपनी कला का बेहतरीन प्रदर्शन किया! उनका समर्पण और उत्साह दर्शाता है कि जब रचनात्मकता और मेहनत मिलते हैं, तो हर कोई एक स्टार बन सकता है!

सेहत का ख्याल रखना है तो जागरूक रहना है!

विश्व मधुमेह दिवस पर पीएमसीएच द्वारा आयोजित विशेष वाकायोन में लोगों को मधुमेह और लकवा से बचाव का संदेश दिया गया। सेहत का ख्याल रखना है तो जागरूक रहना है! हमारा मिशन है हर किसी को स्वस्थ जीवन की ओर प्रेरित करना। इस तरह की पहल से हम एक स्वस्थ समाज की ओर कदम बढ़ा रहे हैं।

अमन मिस्टर प्रेशर एवं करार कोटाई मिस फ्रेशर चुनी गईं

पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी मैं पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथैरेपी मैं फ्रेशर पार्टी एवं फेयरवेल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर 94.3 माय एफएम के काव्य और मिस यूनिवर्स मिस यूनिवर्स इंडिया 2023 पिप्रा मेहता थे । कार्यक्रम में मिस्टर प्रेशर अमन बिश्रोई एंड मिस फ्रेशर करार कोटाई को चुना गया। पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के डीन डॉ० जफर खान ने नए छात्रों का स्वागत करते हुए एवं इंटर्न बैच को उनके उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। इस कार्यक्रम में, डॉक्टर यूनुस खान, डॉक्टर टीना चौहान, डॉ दीपक शर्मा,डॉ व्योमबोलिया, डॉ हीरेंद्र कटारिया डॉ विनीत भटनागर डॉ वीरेंद्र, डॉ लक्ष्य चौबीस लक्ष्य डॉक्टर विकास नलवाया, डॉ. दीपक लोहार, डॉ. फारूक मोहम्मद, डॉ. आदिल रजा अंसारी, डॉ. सोनम सोनी, डॉ. रेणुका पाल, डॉ. शुभम मेनारिया, डॉ. विवेक मेनारिया, डॉ. शुभम कल्याणा, डॉ. दीपिका बलाला डॉ सौरव सोनी डॉक्टर आबिद, श्वेता राजपूत एवं समस्त कॉलेज के फैकल्टी गण एवं कॉलेज के छात्र- छात्राएं मौजूद रहे ।

पीएमसीएच में एंडोस्कोपी और ईआरसीपी कार्यशाला का सफल आयोजन!

पीएमसीएच में एंडोस्कोपी और ईआरसीपी कार्यशाला का सफल आयोजन! स्वास्थ्य सेवाओं में नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में हुआ। इस कार्यशाला के माध्यम से हमारी टीम ने नए कौशल सीखे और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने का संकल्प लिया।

प्रीमेच्योर बेबी का सफल ऑपरेशन कर उसे दिया नया जीवन

पीएमसीएच के डॉक्टरों ने किया असंभव को संभव! 983 ग्राम के प्रीमेच्योर बेबी का सफल ऑपरेशन कर उसे दिया नया जीवन। यह सफलता पीएमसीएच की उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं का प्रमाण है। हमारी टीम का यह समर्पण और प्रयास हमें गर्व से भर देता है।

प्रतिभागियों को प्रस्तित पत्र एवं ट्रॉफी देकर किया सम्मानित

पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के मनोचिकित्सा विभाग एवं क्लीनिकल साइकोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों में विजयी रहे प्रतिभागियों को सोमवार को प्रस्तति पत्र एवं ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस सप्ताह के दौरान विभिन्न कार्यक्रमों जैसे रोल- प्ले,निबंध, पोस्टर,हेल्थ टॉक एवम नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया गया। विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह के दौरान आयोजित विभिन्न स्पर्धाओ में पेसिफिक यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट डॉ. एम.एम.मंगल, प्रो. प्रेसिडेंट डॉ. संगीता चौहान, डॉ. नीता साही, डॉ. रीतू भटनागर, क्लिनिकल साइकोलॉजी के डॉ. दीपक कुमार सालवी एवं तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग के डीन डॉ. के.सी. यादव आदि की उपस्थिति रही । मनोचिकित्सा विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ.एस.सी.मेहता ने बताया कि इस विश्व मानसिक स्वास्थ्य सप्ताह का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों पर खुली बातचीत को प्रोत्साहित करना था । आधुनिक जीवन के बढ़ते तनाव को देखते हुए, इस कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं को पहचानने और समय पर सहायता प्राप्त करने के महत्व पर जोर दिया गया। इस दौरान मनोचिकित्सा विभाग एवं क्लिनिकल साइकोलॉजी विभाग के विधार्थीयों द्वारा विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से आम लोगो को मानसिक स्वास्थ्य के बारे में जागरूक किया गया।

बेटों ने निभाया अपना फर्ज. पिता की मौत के बाद देहदान कर अन्तिम इच्छा की पूरी

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में बेटों ने पिता की अन्तिम इच्छा को पूरा करते हुए उनके निधन के बाद उसकी बॉडी को मेडिकल के छात्रों की पाई के लिए दान देने का फैसला किया। पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. यू. एस. परिहार ने बताया कि 85 वर्षीय पुरूश सौभाग्य सिंह मांडावत का 10 अक्टूबर को निवास स्थान पर देहांत हो गया था। पिता की मौत के बाद उनकी अन्तिम इच्छा के अनुसार उनके पुत्रों ने उनकी देहदान का निर्णय लिया। इसके लिए उन्होने पीएमसीएच के एनाटोमी विभाग में चिकित्सा स्वास्थ्य के अध्ययन एवं अनुसंधान हेतु में 11 अक्टूबर को महादान दिया। उदयपुर निवासी सौभाग्य सिंह मांडावत के बेटों ने बताया कि उनके पिता की अन्तिम इच्छा थी कि मरने के बाद उनकी बाडी मेडिकल कॉलेज को दान कर दी जाए तो बेटे ने अपनी पिता की इच्छा को पूरा करने के लिए पीएमसीएच हॉस्पिटल प्रबन्धन से बात की। मांडावत का पूरा परिवार जिसमे उनकी प स्नेहलता मांडावत एवं पुत्रों टीनू मांडावत, मीनू मांडावत एवं पंकज माडावत देहदान करने के लिए पेसिफिक मेडिकल कॉलेज भीलों का बेदला पहुंचे यहां अस्पताल प्रशासन ने सारी प्रक्रिया पूरी करते हुए देहदान कराया। पुनीत कार्य के इस अवसर पर हॉस्पिटल प्रबन्धन की ओर से एनाटॉमी की विभागाध्यक्ष डॉ. हिना शर्मा, नोडल ऑफिसर ईशा श्रीवास्तव एवं समस्त सदस्य मौजूद थे। पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने सौभाग्य सिंह मांडावत के परिजनो को ढाढस बघातें हुए कहा कि यह नेक कार्य निश्चित ही आम लोगो के लिए प्रेरणादायक एवं अनुकरणीय रहेगा।

मानसिक स्वास्थ्य प्राथमिक चिकित्सा एवं सहकर्मी समर्थन पर कार्यशाला का आयोजन

आज पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के सभागार में डिपार्टमेंट ऑफ साइकियाट्रिक, तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग एवम डिपार्टमेंट ऑफ क्लीनिकल साइकोलॉजी पीएमसीएच के संयुक्त तत्वाधान में विश्व मानसिक सुरक्षा सप्ताह के परिपेक्ष्य में आज कार्यशाला का आयोजन हुआ! कार्यक्रम संयोजक एसोसिएट प्रोफेसर संजय नागदा ने बताया कि कार्यक्रम की शुरूवात मुख्य अतिथि डॉ उम्मेद् सिंह परिहार प्रिंसिपल एवम कंट्रोलर पीएमसीएच, डॉ एस जी मेहता विभागाध्यक्ष मनोरोग विभाग,डॉ के सी यादव संकाय प्रमुख (नर्सिंग) डॉ दीपक सालवी विभागाध्यक्ष मनोविज्ञान विभाग, एवम डॉ सुनील जोशी प्राचार्य तिरुपति कॉलज ऑफ नर्सिंग ने सरस्वती माता के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ की. ! पैसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के चैयरमेन श्री राहुल अग्रवाल, सीईओ श्री शरद कोठारी एवम एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री अमन अग्रवाल ने इस आयोजन की आयोजनकताओं को बधाई दी. ! स्वागत उद्बोधन में डॉ केसी यादव डीन तिरूपति नर्सिंग कॉलेज ने बताया की आज 21वी शताब्दी के नवीन युग मे सभी अवसादों से गिरे हुए रहते है अतएव समय पर मार्गदर्शन, प्राथमिक चिकित्सा एवम सहयोग से अनगिनत व्यक्तियों को मानसिक तनाव से बचाया जा सकता है डॉ यादव ने मानसिक रोगों की प्राथमिक चिकित्सा में नर्सेज के योगदान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि नर्सिंग अधिकारी अत्यधिक समय मरीजो के साथ बिताते हैं एवम बीमारी में उन्हें निरन्तर उचित मार्गदर्शन देते रहते है जिससे मरीज शारीरिक स्वास्थ्य के साथ साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दे पाए.! उन्होने प्रशिक्षणार्थियों से भी आग्रह किया कि आजकी कार्यशाला में सिखाई हुई बारीकियों का प्रयोग विद्यार्थी नियमित रूप से अपने दोस्तों और परिवार वालो को जागरूक करने में करे । व्यख्यान की अगली कडी में डॉ एस जी मेहता, एचओडी साइकियाट्रिक डिपार्टमेंट ने सहकर्मी एवम मित्रो के समर्थन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कितनी बार तनाव की स्थिति में हम सभी बाते सब से साझा नही कर पाते जिसमे मित्रो का सहयोग अति आवश्यक हो जाता है जो कि किसी भी तनाव की स्थिति से निबटने में सहायता प्रदान कर सकता है इसलिए सामान्य जीवन मे हम सभी को उत्तम दोस्तो को सदैव अपने जीवन मे स्थान देना चाइये ताकि निकट भविष्य में होने वाली परेशानियों,तनाव एवम अवसादों से दृढ़तापूर्ण निबटा जा सके। डॉ दीपक सालवी एचओडी साइकोलॉजी डिपार्टमेंट ने मानसिक रोगों से निबटने के लिए योग, मैडिटेशन, विभिन्न थेरेपी के बारे में विद्यार्थियों को अवगत करवाते हुए इस पर उन्होंने प्रायोगिक व्याख्यान भी लिए जिसे विद्यार्थियों द्वारा खूब सराहा गया। इस कार्यशाला में निबंध प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें हेमंत नागदा, दीक्षिता बोराणा, एवम लखन मेघवाल को क्रमश प्रथम द्वितीय एवम तृतीय की ट्रॉफी आयोजनकताओं द्वारा प्रदान की गई।

पीएमसीएच उदयपुर: 3 साल की बच्ची को मिली नई जिंदगी!

पीएमसीएच उदयपुर में 3 साल की बच्ची की जान बचाई गई, जिसने गलती से सुपारी निगल ली थी। हमारी मेडिकल टीम ने बिना सर्जरी के दूरबीन द्वारा सुपारी को सफलतापूर्वक निकाल कर बच्ची को नई जिंदगी दी। बिना सर्जरी के सुरक्षित इलाज उन्नत तकनीक और विशेषज्ञ डॉक्टर पीएमसीएच उदयपुर में हम हर मरीज को सबसे बेहतर और उन्नत चिकित्सा सेवाएं प्रदान करते हैं।

पीएमसीएच में सीपीआर पर आपकी सीख, किसी का जीवनदान अभियान शुरू

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल की ओर से आम आदमी को सीपीआर यानि कार्डियो पल्मोनरी रिससिटेशन के बारे में जागरूक करने के लिए सीपीआर : आपकी सीख, किसी का जीवनदान शीर्षक से अभियान शुरू किया गया। इस अभियान का आगाज पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल, एक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, पेसिफिक मेडिकल विश्वविधालय के प्रेसिडेन्ट डॉ एमएम मंगल, डॉ कपिल व्यास, अभियान प्रभारी डॉ दीपक जोशी एवं मॉगीलाल लौहार ने किया। इस दौरान चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बताया 5 अक्टूम्बर से शुरू होने वाले इस अभियान में छह महीनों में उदयपुर जिले के 400 से अधिक विभिन्न स्थानों पर पीएमसीएच की टीमों द्वारा जाकर वहां आम आदमी को सीपीआर और फर्स्ट एड के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य लोगों को जीवन रक्षक तकनीकों के महत्व से अवगत कराना है ताकि वे आकस्मिक परिस्थितियों में तुरंत मदद कर सकें। अभियान की शुरूआत पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने शुभकामनाएं दी और इस पहल की सराहना करते हुए कहा ऐसे अभियान आम आदमी को सशक्त बनाने में मदद करते हैं। यह न केवल स्वास्थ्य सेवाओं को सुधारने का प्रयास है बल्कि समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाता है । पेसिफिक मेडिकल कॉलेज का यह कार्यत्कम स्वास्थ्य क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण बदलाव लाने की दिशा में कदम है। इस अवसर पर अभियान के प्रभारी डॉ दीपक जोशी ने बताया हृदयगति रुकने पर सीपीआर व्यक्ति की जान बचा सकता है। सीपीआर की ट्रेनिंग हम सभी को लेनी चाहिए। यह कभी भी किसी का जीवन बचा सकती है।

पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में नशा मुक्त भारत अभियान

पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में नशा मुक्त भारत अभियान के तहत शानदार पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया! हमारे छात्रों ने अपनी रचनात्मकता और जागरूकता से नशे के खिलाफ लड़ाई में योगदान दिया है। इस पहल के माध्यम से, हम स्वस्थ और नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए संकल्पित हैं।

Pacific Hospital ने दुर्लभ बीमारी ट्राइकोबीजोर से पीड़ित मरीज की सफल सर्जरी

Pacific Hospital ने दुर्लभ बीमारी ट्राइकोबीजोर से पीड़ित मरीज की सफल सर्जरी कर चिकित्सा जगत में एक और सफलता हासिल की। हमारी विशेषज्ञ टीम ने असंभव को संभव बनाया, और रोगियों के स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है।

पेसिफिक ऑक्यूपेशनल थैरेपी के विद्यार्थियों की आर्ट वर्कशॉप संपन्न

पेसिफिक कॉलेज ऑफ ऑक्यूपेशनल थैरेपी के विद्यार्थियों के लिए पीडिलाईट इंडस्ट्रीज के सहयोग से आर्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ विशाल शर्मा, वर्कशॉप कॉर्डिनेटर डॉ राहिला घोड्च, स्टॉफ के अन्य फैकल्टी ने किया। कॉर्डिनेटर घोड्च ने 29 से ज्यादा विद्यार्थियों को ऐब्सट्रेक्ट आर्ट की बारीकियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पेस्टल कलर्स का उपयोग किया गया, जिससे प्रतिभागियों को रंगों के विभिन्न संयोजनों और तकनीकों के साथ रंगों को प्रयोग CURRICULUM IMPLEMENTATION SU RT PROAMME करके अपनी भावनाओं को चित्रित करने का अवसर मिला । इस अवसर डॉ राहिला ने कहा यह वर्कशॉप न केवल कला कौशल विकसित करने का एक मंच बल्कि यह विद्यार्थियों को तनाव मुक्त करने का भी एक साधन है। वर्कशॉप में पेसिफिक कॉलेज ऑफऑक्यूपेशनल थैरेपी के प्रिसिंपल डॉ विशाल शर्मा ने कहा इस वर्कशॉप का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ करना और उन्हें कला के माध्यम से अपनी भावनाओं को अभिव्यक्त करने का अवसर देना है। अंत में प्रतिभागियों ने अपनी बनाई कला का प्रदर्शन किया, जिससे उन्होंने अपनी कला और भावनाओं को साझा किया। इस अवसर पर कॉलेज के डॉ कुलदीप, रामसहाय मीणा, देवेन्द्र आमेटा, एचआर विभाग के नवनीतसिंह गौर, तरुण, प्रवीण, महेन्द्र, कुंदन आदि का सहयोग रहा।

पेसिफिक हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मलेरिया से जूझ रहे मरीज को नया जीवन दिया

पेसिफिक हॉस्पिटल के चिकित्सकों ने मलेरिया से जूझ रहे मरीज को नया जीवन दिया! उनके समर्पण और कुशलता से एक और जीवन सुरक्षित हुआ। हमें गर्व है हमारे डॉक्टरों पर, जो हर दिन लोगों की जान बचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पीएमसीएच में तम्बाकू निवारण केन्द्र का शुभारम्भ

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में आज तम्बाकू निवारण केन्द्र का पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय के प्रिसिडेन्ट डॉ. एम. एम. मंगल, प्रो. प्रिसिडेन्ट डॉ. संगीता चौहान, पीएमसीएच के डीन डॉ.यू.एस. परिहार, पीएसएम विभाग के डॉ. महेन्द्र खत्री, बायोकैमिस्ट्री विभाग की डॉ. नीता साही, तम्बाकू निवारण केन्द्र के नोडल अधिकारी डॉ. घवल एवं मनोचिकित्सा विभाग की डॉ. भक्ति फीता काटकर शुभारम्भ किया। शुभारम्भ के इस अवसर पर डॉ. एम. एम. मंगल ने कहा कि इस सेन्टर पर ऐसे व्यक्ति जिनको तम्बाकू की लत है उनके इलाज के साथ साथ काउन्सलिंग की जाएगी। डॉ. मंगल ने कहा कि देश में तंबाकू सेवन के कारण हर साल लाखों लोगों को जान गंवानी पड़ती है, सरकार की कोशिश देश के सभी शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त करने की है ताकि युवा तंबाकू सेवन से दूर रह सके, और इसी कड़ी में पीएमसीएच की यह पहल भावी पीढ़ी को नशे से दूर रखने में मददगार साबित होगी।

पीएमसीएच में चिकित्सा का एक और सफल कदम!

पीएमसीएच में चिकित्सा का एक और सफल कदम! जन्मजात रीढ़ की हड्डी के टेढ़ेपन से पीड़ित बच्चे की स्कोलियोसिस सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न की गई। हमारा समर्पण आपके स्वास्थ्य और खुशहाल जीवन के लिए!

प्रतियोगिता के पोस्टर का विमोचन

सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट्स, इंडिया की ओर से आयोजित राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन तथा जैव चिकित्सा अनुसंधान प्रतियोगिता के पोस्टर का आज पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. एम. एम. मंगल, पीएमसीएच के प्रिसिंपल डॉ. .यू.एस परिहार, पर सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल में होने वाले अनुसंधान और साइंटिस्ट्स के अध्यक्ष डॉ. रोहिताश नवाचारों का आदान प्रदान होता है। यादव एवं पीएमसीएच के बायोकेमिस्ट्री विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. नीता साही ने विमोचन किया। एम्स दिल्ली के जे.एल.एन ऑडिटोरियम में 1 से 3 दिसंब तक आयोजित होने वाले पांचवे अंतरराष्ट्रीय विज्ञानं सम्मेलन तथा राष्ट्रीय जैव चिकित्सा अनुसंधान प्रतियोगिता के पोस्टर जारी करते हुए डॉ. एम. एम. मंगल बताया की हमें बहुत खुशी हो रही की पांचवां अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन एम्स दिल्ली में होने जा रहा है जिसमें देश दुनिया के शोधार्थी अपने शोध कार्यो को प्रस्तुत करेंगे। इस तरह के वैज्ञानिक सम्मेलनों से ही दुनिया में होने वाले शोध का पता चलता है एवं मेडिकल के क्षेत्र पोस्टर विमोचन अवसर सोसाइटी ऑफ यंग बायोमेडिकल साइंटिस्ट्स अध्यक्ष डॉ. रोहिताश यादव ने बताया की राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में स्वास्थ्य विज्ञान, जीवन विज्ञान और फार्मास्युटिकल विज्ञान श्रेणियों में शोध प्रस्तुतियाँ एवं जैव चिकित्सा विज्ञान के क्षेत्र में प्रतिष्ठित वक्ताओं के अतिथि व्याख्यान होंगे। वैज्ञानिक गतिविधियों का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों के डॉक्टरों, शोधकर्ताओं और वैज्ञानिकों के बीच नेटवर्किंग को बढ़ावा देना, उनके ज्ञान क्षितिज को व्यापक बनाना और राष्ट्रीय स्तर पर चिकित्सा विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आदर्श बदलाव लाने के लिए उन्हें अग्रणी और नवीन अनुसंधान कौशल से लैस करना है। यादव ने बताया कि अनुसंधान प्रतियोगिता में प्रत्येक श्रेणी के विजेताओं को 9 लाख रुपये नकद पुरस्कार ( प्रत्येक श्रेणी में 3 लाख रुपये) के साथ एक से पांच रैंक तक के विजेताओं को युवा शोधकर्ता पुरस्कार तथा 6 से 10 रैंक तक विजेताओं को सर्वश्रेष्ठ प्रस्तुति पुरस्कार प्रदान किया जायेगा । इस राष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन तथा जैव चिकित्सा अनुसंधान प्रतियोगिता के लिए पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने सम्मेलन की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की। अंतरराष्ट्रीय विज्ञान सम्मेलन में भाग लेने के लिए वेबसाइट www sybsindia-org पर पंजीकरण कर सकते हैं।

कैन्सर रोगियों के लिए इम्यूनोथैरेपी बनी आशा की नई किरण!

कैन्सर रोगियों के लिए इम्यूनोथैरेपी बनी आशा की नई किरण! डॉ. एमबी अग्रवाल का मानना है कि इस थैरेपी से कई मरीजों को जीवनदान मिला है। जानिए कैसे इम्यूनोथैरेपी कैन्सर के खिलाफ जंग में एक प्रभावी हथियार साबित हो रही है।

प्रोस्टेट और स्तन कैंसर के संबंध में जागरूकता आवश्यक

लेकसिटी में चल रही ट्रेण्ड्स ऑफ ट्रांसफोर्मेशन इन ऑन्कोलॉजी- स्क्रीन एंड ट्रीट विषयक कैंसर रोग विशेषज्ञों की चौथी राष्ट्रीय कांफ्रेस का दूसरा दिन स्तन, कोलोन, प्रोस्टेट कैंसर पर चचाओं के नाम रहा। तीसरे दिन सर्वाइकल और ओवेरियन कैंसर पर विचार-विमर्श होगा। कांफ्रेंस पीएमसीएच, पारस हेल्थ, मेन केन फाउण्डेशन, आईएएससीओ और कैंसर रिसर्च एंड स्टेटिस्टिक के साथ आईएमए उदयपुर, एपीआई उदयपुर, यूएसएस उदयपुर, यूओजीएस उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित की जा रही है। विशेषज्ञां ने एकमत होकर कहा कि कैंसर के निदान की सटिक एवं उन्नत तकनीकों से उपचार योजना बनाने में मदद मिलती है इस स्थिति में नयी तकनीकों का उपयोग बढ़ाना चाहिए। प्रोग्राम डायरेक्टर डॉ. मनोज महाजन ने बताया कि पेनल डिस्कशन में मोडरेटर डॉ. डी. जी. विजय ने कहा कि स्तन कैंसर की प्रायमरी अवस्था में मरीज का सटिक उपचार सफलता की महत्पवूर्ण कड़ी है। स्तन कैंसर के मरीजों यह समझना होगा कि कैंसर का मतलब मौत ही नहीं होता है। मरीज स्वयं स्तन कैंसर के शुरूआती लक्षणों की पहचान कर इसकी जटिलता को कम कर सकते हैं। मोडरेटर डॉ. नितिन सिघंल ने कोलन कैंसर बोलते हुए कहा कि इसकी जांचों के लिए आधुनिक तकनीकों के उपयोग से लाभ हो रहा है। ये आंत की अंदरूनी परत या पॉलीप्स से शुरू होता है। पॉलीप्स, कोलन की परत में होने वाले छोटे, सौम्य विकास होते हैं. कुछ पॉलीप्स समय के साथ कैंसर में बदल जाते हैं. । कोलन कैंसर के इलाज के लिए टारगेटेड चिकित्सा और कीमोथेरेपी का इस्तेमाल किया जाता है। पैनल डिस्कशन में मोडरेटर डॉ. मनोज महाजन ने कहा कि नियोएडजुवेंट और एडजुवेंट कीमोथेरेपी, कैंसर के इलाज के लिए दी जाने वाली दो तरह की कीमोथेरेपी हैं। नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी कैंसर के प्राथमिक उपचार से पहले दी जाती है इसका मकसद, ट्यूमर को सिकोड़ना या रोकना होता है, ताकि सर्जरी आसान हो जाए और कैंसर के आगे बढ़ने से रोका जा सके। नियोएडजुवेंट कीमोथेरेपी तब दी जाती है, जब ट्यूमर बहुत बड़ा हो या किसी अहम अंग को प्रभावित कर रहा हो। एडजुवेंट कीमोथेरेपी कैंसर के किसी दूसरे इलाज के बाद दी जाती है। इसका मकसद, कैंसर के दोबारा आने या फैलने के जोखिम को कम करना होता है

विश्व फिजियोथैरेपी दिवस पर नवआगन्तुक विधार्थीीर्यों के भव्य स्वागत के साथ नए बैच का शुभारम्भ

विश्व फिजियोथैरेपी दिवस के अवसर पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, में फिजियोथैरेपी के नवआगन्तुक विधाथीय के भव्य स्वागत के साथ नए बैच का षुभारम्भ हुआ। इस कार्यक्रम का उद्देश्य फिजियोथैरेपी के महत्व को बढ़ावा देना । कार्यक्रम के उद्घाटन के इस मौके पर पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल नें सभी उपस्थित कार्मिकों और छात्रों को विश्व फिजियोथैरेपी दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने नए छात्रों का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें उज्वल भविष्य की शुभकामनाएं भी दीं। इस अवसर पर पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी के प्रिसिडेन्ट डॉ. एम.एम मंगल, पीएमसीएच के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओं षरद कोठारी, डॉ. एस जी मेहता, डॉ. के.सी वोहरा,डॉ.दीपक यादव, डॉ. अपूर्व लोहार,डॉ.फारूक मोहम्मद, डॉ. आदिल रजा अंसारी, डॉ. सोनम सोनी, डॉ. रेणुका पाल, डॉ. शुभम शुभम मेनारिया, डॉ. विवेक मेनारिया, डॉ. कल्याणा, डॉ. दीपिका बलाला, डॉ. जयेश जोशी, डॉ. सपना पुष्करणा, डॉ. लोकेंद्र सिंह, डॉ. देवेंद्र, डॉ. पूर्णिमा काबरा, खुशवीर सोनी, डॉ. सौरभ खान, डॉ. हसनैन सिंह पामेचा, डॉ. अनिल देवड़ा, डॉ. विक्रम वैष्णव, डॉ. विशाल राजावत, डॉ. प्रशांत सोनी, डॉ.निशाद शेख, डॉ. नंदिनी पालीवाल, डॉ. कीर्ति एवं डॉ. अनुपमा शर्मा और कई प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे। इस दौरान फिजियोथैरेपी विभाग के डीन और विभागीय अध्यक्ष डॉ. जफर खान ने सभी का धन्यवाद किया और विश्व फिजियोथैरेपी दिवस की बधाई दी साथ ही फिजियोथैरेपी दिवस के महत्व पर चर्चा की और इस क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। डॉ. जफर ने फिजियोथैरेपी के महत्व को समाज में बढ़ावा देने और नए छात्रों को इस क्षेत्र में एक सशक्त भविष्य की ओर अग्रसर करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया ।

Nazron mein roshni, zindagi mein khushiyaan

Bahut khushi ki baat hai ki humari team ne ek maa aur unke 3 bachon ki nazar wapas laayi free cataract surgery ke zariye. Nazron mein roshni, zindagi mein khushiyaan – yehi hai PMCH ka mission!

अग्रवाल समाज के लिए निःशुल्क चिकित्सा शिविर 5 को

अग्रसेन जयंती के अवसर पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल एवं प्रवासी अग्रवाल महिला समिति, उदयपुर के संयुक्त तत्वावधान में 5 सितम्बर को अग्रवाल समाज के लोगो के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया जाएगा। पीएमसीएच के ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में जनरल मेडिसिन विभाग,स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग, चर्म रोग विभाग, शिशु रोग विभाग, जनरल सर्जरी, दन्त रोग विभाग,नाक-कान- गला रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग के विशेषज्ञों द्वारा निःशुल्क परामर्श दिया जाएगा। शिविर प्रभारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर मे विभिन्न जाँचें निःशुल्क की जाएगी।

एनएबीएच के 5वें संस्करण की पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है!

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल (PMCH) को एनएबीएच के 5वें संस्करण की पूर्ण मान्यता प्राप्त हुई है! यह मान्यता हमारे मरीजों को सर्वोच्च स्तर की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम उदयपुर और दक्षिणी राजस्थान के लोगों को विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधाएं किफायती दरों पर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर समर्पित हैं। आपका विश्वास हमारी ताकत है, और हम आपके लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ!

पेड़ लगाओ, पर्यावरण बचाओ! राहुल अग्रवाल जी का 50,000 पेड़ लगाने का संकल्प हमें प्रेरित करता है। आइए, इस हरित क्रांति में हम भी अपना योगदान दें और बेदला पहाड़ी क्षेत्र को हरा-भरा बनाएं।

क्लिनिकल टीचिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया गया सम्मान

अमेरिकन कॉलेज ऑफ फिजिशियन इंडिया चैप्टर की ओर की ओर से लखनऊ में आयोजित आईएम एसीपी इंडिया के 9 वें वार्षिक सम्मेलन में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र गोयल को क्लिनिकल टीचिंग के क्षेत्र में अद्वितीय और उत्कृष्ट योगदान एवं नए मानक स्थापित करने के लिए वर्ष 2024 के राष्ट्रीय प्रतिष्ठित शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान डॉ. एलिसा चोई, एसीपी राजदूत अध्यक्ष बोर्ड ऑफ गवर्नर्स और डॉ. अनुज माहेश्वरी गवर्नर एसीपी इंडिया चैप्टर ने दिया। इस दौरान डॉ. अनुज माहेश्वरी ने कहा कि डॉ. वीरेंद्र गोयल को निरंतर समर्पण, नई शिक्षण विधियों के विकास और उच्च मानकों को स्थापित करने के कारण इस सम्मान के लिए चुना गया है। डॉ.गोयल के कार्यों ने न केवल छात्रों की शिक्षा में सुधार किया है बल्कि संपूर्ण शैक्षिक समुदाय में एक नई दिशा और मानक भी प्रस्तुत किए हैं। इस दौरान डॉ.गोयल ने अपना ACP रिसर्च पेपर भी प्रस्तुत किया, जिसे सर्वाधिक सराहा गया इस रिसर्च पेपर के माध्यम से उन्होंने साधारण नमक को भोजन में कम करने की उपयोगिता पर हृदय रोग एवं ब्लड प्रेशर से बचाव के बारे में व्याख्यान दिया। क्लिनिकल टीचिंग के क्षेत्र में वर्ष 2024 के राष्ट्रीय प्रतिष्ठित शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित होने पर पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल, ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, प्रिसिंपल डॉ. एम. एम. मंगल एवं सीईओ शरद कोठारी ने डॉ. गोयल को बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

पीएमसीएच का नि:शुल्क जाँच शिविर

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल की ओर से जैन सोशल ग्रुप अनंता के सदस्यों के लिए के लिए निःशुल्क जॉच एवं परामर्श शिविर का आयोजन किया गया। पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में जनरल मेडिसिन विभाग,स्त्री रोग एवं प्रसूति रोग विभाग, वक्ष एवं क्षय रोग विभाग,चर्म रोग विभाग,शिशु रोग विभाग, जनरल सर्जरी, दन्त रोग विभाग,नाक- कान-गला रोग विभाग, नेत्र रोग विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सको ने जैन सोशल ग्रुप अनंता के सदस्यों की निःशुल्क जॉच की। शिविर प्रभारी अनिल अग्रवाल ने बताया कि इस शिविर में स्वास्थ्य से संबंधित जाँचें निःशुल्क की गई । जैन सोशल ग्रुप अनंता की अध्यक्ष डॉ. शिल्पा नाहर ने निशुल्क चिकित्सा शिविर के लिए चेयरमेन राहुल अग्रवाल एवं ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल का धन्यवाद ज्ञापित किया ।

शपथ समारोह में नशे के खिलाफ किया जागरूक

केन्द्र सरकार की ओर से चलाए जा रहे नशा मुक्त भारत अभियान के अर्न्तगत पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय कैम्पस में छात्र- छात्राओं को नशा मुक्ति की शपथ दिलाने के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र- त्र - छात्राओं को नशा करने से होने वाली हानि के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई साथ ही विद्यार्थियों को नशा मुक्त रहने की शपथ दिलाई। इस अवसर पर संस्थान के चेयरपर्सन राहुल अग्रवाल ने कहा कि युवाओं में लगातार बढ़ती नशे की लत एक चिंता का विषय है लेकिन समय के साथ इसको रोककर सुधारा जा सकता है। इस दौरान विश्वविद्यालय के प्रेसिडेन्ट डॉ. एम. एम. मंगल नें छात्र- छात्राओं को नशा न करने के बारे में बतातें हुए इससे होने वाले दुष्परिणाम के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर नशा मुक्त भारत अभियान' के नोडल ऑफिसर डॉ. उम्मेद सिंह परिहार, पीएमसीएच के बायोकैमेस्ट्री विभाग की प्रोफेसर डॉ. नीता साही सहित पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय के संघटक सभी कॉलेजों के फैकल्टी मेम्बर एवं विधार्थी उपस्थित रहे।

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की कॉन्फेस

बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञों की कॉन्फेस 'लेकसिटी पिडक्रिटकॉन 2024' की सफलता की कहानी! इस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नवीनतम ट्रेंड्स, शोध, और इलाज की विधियों पर चर्चा की। एक बेहतरीन मंच, जहाँ ज्ञान और अनुभव का आदान-प्रदान हुआ।

स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चर्चा!

पीएमसीएच में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर बड़ी चर्चा! लेकसिटी पिडक्रिटकॉन 2024 का आगाज।

स्तनपान से बचाई जा सकती हैं हर 10 लाख बच्चो की जान

पेसिफिक मेडीकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया गया। इस बार विश्व स्तनपान दिवस की थीम ह्य अंतराल को कम करना - सभी के लिए स्तनपान सहायताह्य । इस अवसर पर स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने कहा कि मॉ का दूध नवजात षिषु के लिए प्रथम टीका है। यह बच्चों के लिए सर्वोतम आहार है। डॉ. शर्मा माँ के दूध के महत्व के बारे में विधाथीओं एवं नर्सिगकर्मियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हर साल 110 करोड लीटर मॉ का दूध बर्बाद होता हैं। अगर इस दूध का सही इस्तेमाल हो तो हर साल 10 लाख बच्चो की जान बचायी जा सकती है। स्तनपान महिलाओं को स्तन एवं अण्डकोष के कैन्सर से बचाता है साथ ही बच्चों के आईक्यू लेवल को बढाने के साथ साथ बच्चों को निमोनिया एलर्जी एवं दस्त जैसी बीमारीयों से न केवल बचाता है साथ ही गर्भावस्था के दौरान महिलाओ के शरीर में शारीरिक बदलाव को भी पुनः पहले जैसा बनाता है। समापन समारोह कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उदयपुर महिला समृद्धि बैंक अध्यक्ष एवं अध्यक्ष की सदस्य डॉ किरण जैन ने कहा कि माँ का दूध बच्चे को सभी जरूरी पोषक तत्वों को प्रदान करता है। इससे बच्चे में मालनूट्रिशन की आशंका कम हो जाती है । Breastfeed We स्तनपान से बच्चे को अस्थमा, मोटापा और टाइप 1 डायबिटीज जैसी बीमारियों का खतरा कम रहता है। इस सप्ताह के दौरान पीजी के विधाथीयों के लिए निबन्ध, एमबीबीएस के छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, फिजियोथेरेपी के विधाथीयो के लिए स्लोगन / पोस्टर प्रतियोगिता एवं नर्सिंगकर्मियों के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिताओ का आयोजन किया गया ।

पर्यावरण संरक्षण के लिए 'एक पेड़ मां के नाम'

उदयपुर के पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (PMCH) ने पर्यावरण संरक्षण के लिए 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत 21 पेड़ लगाए। इस पहल से ग्लोबल वार्मिंग कम होगी और आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ वातावरण मिलेगा।

Over 250 specialists will join

Over 250 specialists will join us for a two-day conference on August 9-10 at the "Lactic Pediatric Congress 2024" in Udaipur.

विश्व स्तनपान सप्ताह कल से, पुस्तक का विमोचन

पेसिफिक मेडीकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया कि इस बार विश्व स्तनपान दिवस की थीम ' अंतराल को कम करना सभी के लिए स्तनपान सहायता है। विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य माताओ को स्तनपान के महत्व के साथ ही 4 उनके शिशुओं कों स्तनपान से होने वाले लाभों के बारे में बताना है । इस अवसर पर पुस्तक का विमोचन पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल, ऐक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, प्रिसिंपल एवं डीन डॉ. एम. एम. मंगल एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने किया। डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाऐंगें जिसके अर्न्तगत पीजी के विधार्थीयों के लिए निबन्ध, एमबीबीएस के छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, फिजियोथेरेपी के विधार्थीयो के लिए स्लोगन / पोस्टर प्रतियोगिता एवं नर्सिंगकर्मियों के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के आयोजन के साथ ही हॉस्पिटल पेराफेरी के गॉवों में जाकर एमबीबीएस के विधार्थीयों द्वारा महिलाओं को स्तनपान के बारें में जागरूक किया जाएगा।

विश्व स्तनपान सप्ताह कल से, पुस्तक का विमोचन

पेसिफिक मेडीकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह का आयोजन किया जाएगा। स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया कि इस बार विश्व स्तनपान दिवस की थीम ' अंतराल को कम करना सभी के लिए स्तनपान सहायता है। विश्व स्तनपान सप्ताह का उद्देश्य माताओ को स्तनपान के महत्व के साथ ही 4 उनके शिशुओं कों स्तनपान से होने वाले लाभों के बारे में बताना है । इस अवसर पर पुस्तक का विमोचन पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल, ऐक्जीक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, प्रिसिंपल एवं डीन डॉ. एम. एम. मंगल एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने किया। डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया कि इस सप्ताह के दौरान 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाऐंगें जिसके अर्न्तगत पीजी के विधार्थीयों के लिए निबन्ध, एमबीबीएस के छात्रों के लिए पोस्टर प्रतियोगिता, फिजियोथेरेपी के विधार्थीयो के लिए स्लोगन / पोस्टर प्रतियोगिता एवं नर्सिंगकर्मियों के लिए स्लोगन लेखन प्रतियोगिता के आयोजन के साथ ही हॉस्पिटल पेराफेरी के गॉवों में जाकर एमबीबीएस के विधार्थीयों द्वारा महिलाओं को स्तनपान के बारें में जागरूक किया जाएगा।

उदयपुर ऐम्ब्रियोलॉजी सोसाइटी के सदस्यों ने मनाया विश्व ऐम्ब्रियोलॉजिस्ट दिवस

उदयपुर ऐम्ब्रियोलॉजी सोसाइटी के सदस्यों ने मनाया विश्व ऐम्ब्रियोलॉजिस्ट दिवस आईवीएफ प्रक्रिया में एम्ब्रियोलॉजिस्ट महत्वपूर्ण कड़ी लुइस ब्राउन का जन्म कराने में उदयपुर (वि)। उदयपुर ऐम्ब्रियोलॉजी सोसाइटी की ओर से विश्व ऐम्ब्रियोलॉजिस्ट दिवस मनाया गया। पेसिफिक आईवीएफ की साइंटिफिक डायरेक्टर एवं प्रोफेसर डॉ. मनीषा बाजपेयी ने बताया कि यह दिवस 1978 को इंग्लैंड के मैनचेस्टर जिला अस्पताल में पहले इन विट्रो फर्टिलाइजेशन यानि आईवीएफ से जन्में बच्चे लुइस ब्राउन की याद में मनाया जाता है। उदयपुर ऐम्ब्रियोलॉजी सोसाइटी के सभी सदस्यों ने विश्व ऐम्ब्रियोलॉजिस्ट दिवस मनाया। डॉ.बाजपेयी ने बताया कि आईवीएफ में नोबल पुरस्कार विजेता इंग्लैंड के गायनेकोलॉजिस्ट पैट्रिक स्टेप्टो और साइंटिस्ट रॉबर्ट एडवर्ड्स ने मेडिकल साइंस की मदद से बांझपन का इलाज ढूंढ कर 10 सालों में 282 असफलताओं के बाद आईवीएफ से जन्में पहलें बच्चे सफलता मिली। आईवीएफ की नई तकनीकी, इसके लाभ, बेहतर उपचार आदि पर मंथन किया। बताया गया कि एक एम्ब्रियोलॉजिस्ट किसी भी वैज्ञानिक से कम नहीं होते। वो आईवीएफ प्रक्रिया या एम्ब्रॉयोस फ्रीजिंग में इस्तेमाल किए जाने वाले विएबल एम्ब्रॉयोस को बनाने में मदद करते हैं। एम्ब्रियोलॉजिस्ट की जिम्मेदारी में एम्ब्रॉयोस बनाने में जेनेटिक फैब्रिक के इस्तेमाल को मैनेज करना और मेन्टेन करना भी शामिल होता है। अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में प्रतिनियुक्ति पर आवेदन 6 तक उदयपुर (वि) । अल्पसंख्यक मामलात विभाग जयपुर के अधीन राजकीय अल्पसंख्यक आवासीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक, वरिष्ठ षिक्षक, षिक्षक, वरिष्ठ व कनिष्ठ सहायक एवं छात्रावास अधीक्षकों के प्रतिनियुक्ति पर पदस्थापन के लिए आवेदन 6 अगस्त तक किये जा सकते है। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी श्रीमती खुषबू शर्मा ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी आवेदन पत्र विभाग की वेबसाईट से डाउनलोड कर सकते है तथा आवेदन पत्र आवष्यक दस्तावेजों सहित निदेषालय अल्पसंख्यक मामलात विभाग जयपुर में एवं जिला अल्पसंख्यक कार्यालय में डाक द्वारा या व्यक्तिष: निर्धारित तिथि तक जमा करवा सकते है।

डॉ. मनीषा ने 'एम्स्टर्डम में रिचर्स को किया प्रजेन्ट

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के आईवीएफ विभाग की साइन्टिफिक डॉयरेक्टर डॉ. मनीषा वाजपेयी ने 'एम्स्टर्डम, नीदरलैंड में यूरोपियन सोसाइटी ऑफ Manisha ह्यूमन रिप्रोडक्शन एंड एम्ब्रियोलॉजी की ओर से आयोजित कॉन्फेस में ईएसएचआरई-2024 वेजाइनल माइक्रोबायोम पर पीएमसीएच में किए रिचर्स को प्रजेन्ट किया। इस कॉन्फ्रेंस में राजस्थान से केवल डॉ. मनीशा वाजपेयी को अपना शोध प्रस्तुत करने के लिए चुना गया। डॉ. मनीषा वाजपेयी ने बताया कि आईवीएफ की सफलता के साथ नई तकनीक के बाद भी दुनिया भर में आईवीएफ की सफलता दर 50 फीसदी से 60 फीसदी ही है और शेष असफल मामलों में कई कारको का पता नहीं चलता है और पीजीटी और पीजीएस जेनेटिक टेस्ट के बाद भी जबकी एंडोमेट्रियम भी अच्छा था फिर भी आईवीएफ की सफलता नहीं बढ़ी। डॉ. वाजपेयी ने स्पष्ट किया कि वेजाइनल माइक्रोबायोम महिलाओं के स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । यह सूक्ष्मजीवों का एक जटिल समुदाय है जो वेजाइनल में रहता है और विभिन्न स्वास्थ्य परिणामों को प्रभावित कर सकता है, जिनमें इन विट्रो फर्टिलाइजेशन ( आईवीएफ) के परिणाम भी शामिल हैं ।

कावड़ यात्रा 22 जुलाई को, पोस्टर विमोचन

रत्नागिरी विकास समिति एवं भुवाणा ग्रामवासियों की ओर से 22 जुलाई सावन के पहले सोमवार को कांवड़ यात्रा का आयोजन किया जा रहा हैं । यह कांवड यात्रा बावड़ी वाले हनुमान मन्दिर, भुवाणा से अमरख महादेव मंदिर तक जाएगी। इस आयोजन को लेकर मंगलवार को पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के चेयरमेन राहुल अग्रवाल, एक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, मांगीलाल लौहार, शंकर सुखवाल, मौनू शर्मा एवं रत्नागिरी विकास समिति के सभी पदाधिकारियों ने कांवड यात्रा के पोस्टर का विमोचन किया । इस कांवड यात्रा में ग्यारह सौ कांवडिए बावड़ी वाले, हनुमान मन्दिर भुवाणा से कांवड में जल भरकर अमरख महादेव मंदिर लेकर जाएगें एवं भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक करेगें । पोस्टर विमोचन के इस अवसर पर पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल ने कहा कि सावन में कांवड़ यात्रा की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही हैं साथ ही ऐसी मान्यता है कि सावन माह में कांवड़ लाने और शिवलिंग पर जलाभिषेक करने से भगवान शिव प्रसन्न होकर अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करते हैं। इस अवसर पर रत्नागिरी विकास समिति के समस्त पदाधिकारी मौजूद रहे।

निशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी जॉच शिविर का आयोजन

आज के दौर में हड्डियों और जोड़ों का दर्द बेहद आम बात हो गयी है, उम्र दराज लोग ही नहीं कम उम्र के युवा भी हड्डियों के दर्द से अछूते नहीं हैं। ऐसे में आपको इस दिक्कत से निजात पाने के लिए हड्डियों की जांच करवाने के जरूरत है । और इसी समस्या से निजात दिलाने एवं हड्डियों के जॉच के लिए पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से निशुल्क बोन मिनरल डेंसिटी (बीएमडी) जॉच शिविर का आयोजन किया गया । स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया कि प्रातः 10.30 से 2 बजे तक आयोजित इस शिविर में 138 महिलायों ने बोन मिनरल डेंसिटी जॉच की गई।

डॉक्टर्स डे पर सींडलिंग के विधाथीयों ने चिकित्सा के क्षेत्र में समर्पण, करुणा और सहानुभूति के प्रति पीएमसीएच के चिकित्सको का जताया आभार

कहते हैं कि डॉक्टर इस धरती पर भगवान का दूसरा रूप होते हैं। वो डॉक्टर ही हैं, जो इंसान को मौत के मुंह से निकालकर नया जीवनदान देने का हर संभव प्रयास करते हैं । इसी कड़ी में डॉक्टर्स के इसी योगदान के प्रति आभार जताने और उन्हें सम्मान देने के उद्देश्य से आज डाक्टर्स डे के अवसर पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल में सींडलिंग स्कूल के 25 विधाथीयों ने चिकित्सकों को चॉकलेट एवं ग्रीटिंग कार्ड देकर तथा केक कटवा कर शुभकामनाएं दी एवं उनका अभिनन्दन किया। पीएमसीएच के ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल ने बताया कि इस साल की थीम ह्य हीलिंग हैंड्स, केयरिंग हार्ट्स ह्य है। यह विषय डॉक्टरों द्वारा अपनी चिकित्सा पद्धति में लाए गए समर्पण, करुणा और सहानुभूति को उजागर करता है, जो जीवन को बचाने और बेहतर बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका को दशार्ता है। डाक्टर्स डे के इस अवसर पर सींडलिंग स्कूल के विधाथीयी ने पीएमसीएच का दौरा किया और मरीजों की जान बचाने और जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता के लिए डॉक्टरों के प्रति अपनी कृतज्ञता की भावनाओं को साझा किया।

तिरुपति नर्सिंग कॉलेज को मान्यता व आरएन नम्बर दिलाने की स्वास्थ्य मंत्री से मांग, विद्यार्थियों ने किया प्रदर्शन

पेसिफिक मेडिकल विश्वविद्यालय के तहत संचालित तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग के सैकड़ों विद्यार्थियों ने जयपुर में पुलिस कमिश्नरेट के सामने शहीद स्मारक पर कॉलेज की मान्यता एवं आरएन नंबर दिलाने की पुरजोर मांग उठाते हुए नर्सिंग कौंसिल, राज्य सरकार के खिलाफ धरना देकर नारेबाजी की। सभी ने कड़ी धूप में दोपहर 12 से शाम 4 बजे तक धरना दिया और स्वास्थ्य मंत्री सहित सरकार से न्याय दिलाने की गुहार की। नर्सिंग विद्यार्थी विकास सारंग ने बताया आरएन नहीं मिलने से विद्यार्थी मानसिक तनाव में हैं। आरएन के अभाव में नौकरी नहीं मिल पाने से छात्रों एवं उनके आश्रितों पर आर्थिक संकट मंडरा रहा है। इन विद्यार्थियों ने अपनी पढ़ाई के लिए बैक से लोन तो कहीं जमीन बेचकर फीस जमा कराकर पढ़ाई पूरी की है । लेकिन नर्सिग कौंसिल एवं सरकार के गैर जिम्मेदाराना रवैये से इनको अभी तक आरएन नम्बर नहीं मिल पाया है। जिससे इनको बेरोजगारी का सामना करना पड़ रहा है। नर्सिंग विद्यार्थी देवाराम ने बताया राजस्थान नर्सिंग कौंसिल के इस गैर जिम्मेदार निर्णय के खिलाफ कॉलेज प्रबंधन ने भी जमकर आवाज उठाई और नर्सिंग कौंसिल दफ्तर के चक्कर लगाकर चप्पलें घिस चुकी हैं लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। जिस कारण तिरुपति नर्सिंग कॉलेज के 300 से अधिक छात्रों का भविष्य दाव पर है। गौरतलब है नर्सिंग शिक्षा के लिए आईएनसी और आरएनसी ने तिरुपति कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत छात्रों को 2016.17, 2017.18, 2018.19, 2019.20 एवं 2020.21 बैच को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दोनों सरकारी एजेंसियों से मान्यता दी गई। विद्यार्थियों ने मान्यता देखकर ही कॉलेज में दाखिला लिया तब से वे नियमित अध्ययन कर रहे हैं। उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन किया जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए तब से संबंधित विद्यार्थियों को आज तक छात्रवृत्तियां दी जा रही हैं। 13 जनवरी 2022 को सरकार द्वारा लेटर जारी कर कॉलेज को अवगत कराया गया कि 2021.22 से मान्यता को रद्द किया जाता है किंतु उस लेटर में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं किया कि पिछले बैच पर यह आदेश लागू होगा। यहां अध्ययनरत बच्चों की विडंबना है इन्होंने मान्यता देखकर कॉलेज में दाखिला लिया था। सरकार द्वारा समय समय पर दी जा रही छात्रवृत्तियां उन्हें मिली लेकिन अब इनका भविष्य अधर में है।

स्वास्थ्य मंत्री से मिले तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग के विधार्थी ज्ञापन देकर बताई अपनी व्यथा

उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल विश्वविधालय के तहत संचालित होने वाले तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग के सैकड़ों छात्र कॉलेज की मान्यता एवं आरएन नंबर के लिए आज माननीय स्वास्थ्य मंत्री से मिले एवं ज्ञापन देकर बताई अपनी व्यथा बताई। इसी सदर्भ में एवं कल माननीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष जयपुर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना प्रदर्शन करेगें। नर्सिंग विधार्थी विकास सारंग ने बताया कि उदयपुर स्थित तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत 300 से अधिक नर्सिंग छात्रों के भविष्य दाव पर लगा हुआ है। कॉलेज की मान्यता रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद नर्सिंग छात्रों में जबरदस्त रोष है। छात्र विगत कई दिनों से कॉलेज में अपनी मानसिक वेदना को प्रबंधन के सामने प्रकट कर रहे हैं और अनुरोध कर रहे हैं कि सरकार के समक्ष उनकी बात को प्रमुखता से रखा जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। लेकिन कॉलेज प्रबन्धन की कोशिशो के बाद भी मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल नर्सिंग की शिक्षा के लिए दो सरकारी एजेंसियां नियुक्त की जाती है पहले आईएनसी और दूसरी आरएनसी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत छात्रों को 2016-17 से लेकर 2020-21 तक के विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दोनों सरकारी एजेंसियों से मान्यता दी गई, विद्यार्थियों ने मान्यता देखकर ही कॉलेज में दाखिला लिया तब से वह यहां नियमित विद्या अध्ययन कर रहे हैं. उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की किया जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए तब से संबंधित अध्यनरत विद्यार्थियों को छात्रवृतियां आज तक प्रदान की जा रही है । गत 13 जनवरी 2022 को सरकार द्वारा एक लेटर जारी कर कॉलेज को अवगत कराया गया की 2021-22 से मान्यता को रद्द किया जाता है किंतु उस लेटर में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि पिछले बेच के बच्चों पर ये आदेश लागू होगा । यहां अध्ययनरत बच्चों की विडंबना यह है इन बच्चों ने मान्यता देख कॉलेज में दाखिला लिया, सरकार द्वारा समय-समय पर दी जा रही छात्रवृत्तियों उन्हें मिली किंतु आज इनका भविष्य अधर में है, इनमें से कई बच्चों ने लोन से अपनी शिक्षा को पूर्ण किया आज लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है, क्यूंकि बच्चे 2 वर्षों से बिना जॉब के बेकार घूम रहे हैं और मानसिक अवसाद की स्थिति में है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने आरएनसी द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया उनकी रिपोर्ट मैं सभी कुछ सही पाया गया आर एन सी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है किंतु अभी तक सरकार द्वारा उस के ऊपर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। मेरे पिताजी ने प्राइवेट नौकरी करते है एवं मुझे पढाने के लिए बैक से लोन लिया घर खर्च के साथ ही बैक की किस्त चुका रहे है साथ ही मेरे छोटे भाई-बहिनों की जिम्मेदारी भी उन पर है मैने सोचा नर्सिग करने के बाद अपने पिताजी का वनज थोड़ा कम 'जाऐगा लेकिन पता नही अब क्या होगा विकास सारंग, नर्सिंग विधार्थी - मेरे पिताजी ने साहूकार से मेरे को पढ़ने के लिए उधार लिया और मेरी पढ़ाई के लिए लगाया अब में कैसे मेरे पिताजी उसको चुका पाएंगे। क्यों उनकी उम्मीद मैं ही हूँ - हर्ष टेलर, नर्सिग विधार्थी नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे चारों साल तक स्कॉलरशिप मिली और पूरा पैसा मुझे मिला। अगर स कॉलेज मान्यता प्राप्त नहीं था तो ज सरकार ने स्कॉलरशिप क्यों दी कीर्ति कुमारी, नर्सिग विधार्थी - ह स मेरे घर में मेरी माँ छोटी मोटी स नौकरी करके घर का गुजारा चलाती ग है और अपनी जमीन बेच के मेरी माँ रा ने मुझे पढ़ाने के लिए भेजा लेकिन प्र अब कैसे हमारा गुजारा होगा राहूल, नर्सिग विधार्थी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग कॉलेज में विश्वस्तरीय सुविधाए है एवं बच्चों के उच्च प्रशिक्षण के लिए जो भी नियमानुसार आदर्श सुविधाए होनी चाहिए वह हमने उपलब्ध करा रखी है। यह पूरा मामला किसी पूर्वाग्रह से प्रभावित लगता है और ऐसे में हमारा क आग्रह यही है कि बच्चों के भविष्य स को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का तुरन्त से समाधान किया जाए। - राहुल अग्रवाल, चेयरपर्सन में पेसिफिक मेडिकल विश्वविधालय स

स्वास्थ्य मंत्री से मिले तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग के विधार्थी ज्ञापन देकर बताई अपनी व्यथा

उदयपुर के पेसिफिक मेडिकल विश्वविधालय के तहत संचालित होने वाले तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग के सैकड़ों छात्र कॉलेज की मान्यता एवं आरएन नंबर के लिए आज माननीय स्वास्थ्य मंत्री से मिले एवं ज्ञापन देकर बताई अपनी व्यथा बताई। इसी सदर्भ में एवं कल माननीय स्वास्थ्य मंत्री के समक्ष जयपुर में सुबह 10 बजे से शाम 4 बजे तक धरना प्रदर्शन करेगें। नर्सिंग विधार्थी विकास सारंग ने बताया कि उदयपुर स्थित तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत 300 से अधिक नर्सिंग छात्रों के भविष्य दाव पर लगा हुआ है। कॉलेज की मान्यता रद्द करने के सरकार के फैसले के बाद नर्सिंग छात्रों में जबरदस्त रोष है। छात्र विगत कई दिनों से कॉलेज में अपनी मानसिक वेदना को प्रबंधन के सामने प्रकट कर रहे हैं और अनुरोध कर रहे हैं कि सरकार के समक्ष उनकी बात को प्रमुखता से रखा जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए। लेकिन कॉलेज प्रबन्धन की कोशिशो के बाद भी मसला हल नहीं हो पाया। दरअसल नर्सिंग की शिक्षा के लिए दो सरकारी एजेंसियां नियुक्त की जाती है पहले आईएनसी और दूसरी आरएनसी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत छात्रों को 2016-17 से लेकर 2020-21 तक के विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित दोनों सरकारी एजेंसियों से मान्यता दी गई, विद्यार्थियों ने मान्यता देखकर ही कॉलेज में दाखिला लिया तब से वह यहां नियमित विद्या अध्ययन कर रहे हैं. उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की किया जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए तब से संबंधित अध्यनरत विद्यार्थियों को छात्रवृतियां आज तक प्रदान की जा रही है । गत 13 जनवरी 2022 को सरकार द्वारा एक लेटर जारी कर कॉलेज को अवगत कराया गया की 2021-22 से मान्यता को रद्द किया जाता है किंतु उस लेटर में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि पिछले बेच के बच्चों पर ये आदेश लागू होगा । यहां अध्ययनरत बच्चों की विडंबना यह है इन बच्चों ने मान्यता देख कॉलेज में दाखिला लिया, सरकार द्वारा समय-समय पर दी जा रही छात्रवृत्तियों उन्हें मिली किंतु आज इनका भविष्य अधर में है, इनमें से कई बच्चों ने लोन से अपनी शिक्षा को पूर्ण किया आज लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है, क्यूंकि बच्चे 2 वर्षों से बिना जॉब के बेकार घूम रहे हैं और मानसिक अवसाद की स्थिति में है। इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने आरएनसी द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया उनकी रिपोर्ट मैं सभी कुछ सही पाया गया आर एन सी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है किंतु अभी तक सरकार द्वारा उस के ऊपर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। मेरे पिताजी ने प्राइवेट नौकरी करते है एवं मुझे पढाने के लिए बैक से लोन लिया घर खर्च के साथ ही बैक की किस्त चुका रहे है साथ ही मेरे छोटे भाई-बहिनों की जिम्मेदारी भी उन पर है मैने सोचा नर्सिग करने के बाद अपने पिताजी का वनज थोड़ा कम 'जाऐगा लेकिन पता नही अब क्या होगा विकास सारंग, नर्सिंग विधार्थी - मेरे पिताजी ने साहूकार से मेरे को पढ़ने के लिए उधार लिया और मेरी पढ़ाई के लिए लगाया अब में कैसे मेरे पिताजी उसको चुका पाएंगे। क्यों उनकी उम्मीद मैं ही हूँ - हर्ष टेलर, नर्सिग विधार्थी नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे चारों साल तक स्कॉलरशिप मिली और पूरा पैसा मुझे मिला। अगर स कॉलेज मान्यता प्राप्त नहीं था तो ज सरकार ने स्कॉलरशिप क्यों दी कीर्ति कुमारी, नर्सिग विधार्थी - ह स मेरे घर में मेरी माँ छोटी मोटी स नौकरी करके घर का गुजारा चलाती ग है और अपनी जमीन बेच के मेरी माँ रा ने मुझे पढ़ाने के लिए भेजा लेकिन प्र अब कैसे हमारा गुजारा होगा राहूल, नर्सिग विधार्थी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग कॉलेज में विश्वस्तरीय सुविधाए है एवं बच्चों के उच्च प्रशिक्षण के लिए जो भी नियमानुसार आदर्श सुविधाए होनी चाहिए वह हमने उपलब्ध करा रखी है। यह पूरा मामला किसी पूर्वाग्रह से प्रभावित लगता है और ऐसे में हमारा क आग्रह यही है कि बच्चों के भविष्य स को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का तुरन्त से समाधान किया जाए। - राहुल अग्रवाल, चेयरपर्सन में पेसिफिक मेडिकल विश्वविधालय स

नर्सिंग के विद्यार्थियों का सरकार से सीधा सवाल

तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत 300 से अधिक नर्सिंग छात्रों के भविष्य पर गहरा संकट छा गया है नर्सिंग छात्रों में इसको लेकर जबरदस्त रोष है विगत कई दिनों से कॉलेज में अपनी मानसिक वेदना को प्रबंधन के सामने प्रकट कर रहे हैं और अनुरोध कर रहे हैं कि सरकार के समक्ष उनकी बात को प्रमुखता से रखा जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए नर्सिंग की शिक्षा के लिए दो सरकारी एजेंसियां नियुक्त की जाती है पहले आईएनसी और दूसरी आरएनसी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत - छात्रों को 2016-17 से लेकर 2020-21 तक - के विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सरकारी दोनों एजेंसियों से मान्यता दी गई विद्यार्थियों ने मान्यता देखकर ही कॉलेज में दाखिला लिया तब वह यहां नियमित विद्या अध्ययन कर रहे हैं उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की किया जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए तब से संबंधित अध्यनरत विद्यार्थियों को छात्रवृतियां आज तक प्रदान की जा रही है । मुख्य रूप से कठिनाई बीएससी एमएससी पोस्ट बेसिक के विद्यार्थियों को लेकर है कॉलेज में 16-17 में आईएनसी में अप्लाई किया उसे परमिशन मिलने के बाद राजस्थान नर्सिंग काउंसलिंग में अप्लाई किया इन बच्चों को एक आरएन ( त्छ ) नंबर इशू होता है जो छ द्वारा इशू हम हमारा मांगते. किया जाता है उनकी परमिशन के पश्चात ही बच्चों ने संबंधित कॉलेज में दाखिला लिया समाज कल्याण व अन्य छात्रवृतियां राज्य सरकार द्वारा समय समय पर प्रदान की गई जो आज तक जारी है मुख्य रूप से परेषानी 2016-17,2017-18,2018-19, 2019- 20 और 2020-21 बैच के विद्यार्थियों को लेकर आ रहा है गत 13 जनवरी 2022 को सरकार द्वारा एक लेटर जारी कर कॉलेज को अवगत कराया गया की 2021-22 से मान्यता को रद्द किया जाता है किंतु उस लेटर में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि पिछले बेच के बच्चों पर ये आदेश लागू होगा। यहां अध्ययन बच्चों की विडंबना यह है इन बच्चों ने मान्यता देख कॉलेज में दाखिला लियाए सरकार द्वारा समय-समय पर दी जा रही छात्रवृत्तियों उन्हें मिली किंतु आज इनका भविष्य अधर में है इनमें से कई बच्चों ने लोन से अपनी शिक्षा को पूर्ण किया आज लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है बच्चे 2 वर्षों से बिना जॉब के बेकार घूम रहे हैं और मानसिक अवसाद की स्थिति में है इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने आरएनसी द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया उनकी रिपोर्ट मैं सभी कुछ सही पाया गया आर एन सी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है किंतु अभी तक सरकार द्वाराउस के ऊपर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। तीनों कोर्सों के लिए विधिवत्त कमेटी का गठन हुआ और उन्होंने अपनी रिपोर्ट्स पेश कर दी। मेरे पिताजी ने प्राइवेट नौकरी करते है एवं मुझे पढाने के लिए बैक से लोन लिया घर खर्च के साथ ही बैक की किस्त चुका रहे है साथ ही मेरे छोटे भाई-बहिनों की जिम्मेदारी भी उन पर है मैने सोचा नर्सिग करने के बाद अपने पिताजी का वनज थोड़ा कम हो जाऐगा लेकिन पता नही अब क्या होगा । विकास सारंग, नर्सिग विधार्थी मेरे पिताजी ने साहूकार से मेरे को पढ़ने के लिए उधार लिया और मेरी पढ़ाई के लिए लगाया अब में कैसे मेरे पिताजी उसको चुका पाएंगे। क्यों उनकी उम्मीद मैं ही हूँ - हर्श टेलर, नर्सिग विधार्थी नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे चारों साल तक स्कॉलरशिप मिली और पूरा पैसा मुझे मिला। अगर कॉलेज मान्यता प्राप्त नहीं था तो सरकार ने स्कॉलरशिप क्यों दी - कीर्ति कुमारी, नर्सिग विधार्थी मेरे घर में मेरी माँ छोटी मोटी नौकरी करके घर का गुजारा चलाती है और अपनी जमीन बेच के मेरी माँ ने मुझे पढ़ाने के लिए भेजा लेकिन अब कैसे हमारा गुजारा होगा राहूल, नर्सिग विधार्थी ।

नर्सिंग के विद्यार्थियों का सरकार से सीधा सवाल

तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत 300 से अधिक नर्सिंग छात्रों के भविष्य पर गहरा संकट छा गया है नर्सिंग छात्रों में इसको लेकर जबरदस्त रोष है विगत कई दिनों से कॉलेज में अपनी मानसिक वेदना को प्रबंधन के सामने प्रकट कर रहे हैं और अनुरोध कर रहे हैं कि सरकार के समक्ष उनकी बात को प्रमुखता से रखा जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए नर्सिंग की शिक्षा के लिए दो सरकारी एजेंसियां नियुक्त की जाती है पहले आईएनसी और दूसरी आरएनसी तिरुपति स्कूल ऑफ नर्सिंग में अध्यनरत - छात्रों को 2016-17 से लेकर 2020-21 तक - के विद्यार्थियों को राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित सरकारी दोनों एजेंसियों से मान्यता दी गई विद्यार्थियों ने मान्यता देखकर ही कॉलेज में दाखिला लिया तब वह यहां नियमित विद्या अध्ययन कर रहे हैं उन्होंने छात्रवृत्ति के लिए आवेदन की किया जिसे राज्य सरकार ने मंजूर करते हुए तब से संबंधित अध्यनरत विद्यार्थियों को छात्रवृतियां आज तक प्रदान की जा रही है । मुख्य रूप से कठिनाई बीएससी एमएससी पोस्ट बेसिक के विद्यार्थियों को लेकर है कॉलेज में 16-17 में आईएनसी में अप्लाई किया उसे परमिशन मिलने के बाद राजस्थान नर्सिंग काउंसलिंग में अप्लाई किया इन बच्चों को एक आरएन ( त्छ ) नंबर इशू होता है जो छ द्वारा इशू हम हमारा मांगते. किया जाता है उनकी परमिशन के पश्चात ही बच्चों ने संबंधित कॉलेज में दाखिला लिया समाज कल्याण व अन्य छात्रवृतियां राज्य सरकार द्वारा समय समय पर प्रदान की गई जो आज तक जारी है मुख्य रूप से परेषानी 2016-17,2017-18,2018-19, 2019- 20 और 2020-21 बैच के विद्यार्थियों को लेकर आ रहा है गत 13 जनवरी 2022 को सरकार द्वारा एक लेटर जारी कर कॉलेज को अवगत कराया गया की 2021-22 से मान्यता को रद्द किया जाता है किंतु उस लेटर में कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं है कि पिछले बेच के बच्चों पर ये आदेश लागू होगा। यहां अध्ययन बच्चों की विडंबना यह है इन बच्चों ने मान्यता देख कॉलेज में दाखिला लियाए सरकार द्वारा समय-समय पर दी जा रही छात्रवृत्तियों उन्हें मिली किंतु आज इनका भविष्य अधर में है इनमें से कई बच्चों ने लोन से अपनी शिक्षा को पूर्ण किया आज लोन चुकाना मुश्किल हो रहा है बच्चे 2 वर्षों से बिना जॉब के बेकार घूम रहे हैं और मानसिक अवसाद की स्थिति में है इस समस्या के समाधान के लिए राज्य सरकार ने आरएनसी द्वारा एक कमेटी का गठन किया गया उनकी रिपोर्ट मैं सभी कुछ सही पाया गया आर एन सी ने अपनी रिपोर्ट सरकार को पेश कर दी है किंतु अभी तक सरकार द्वाराउस के ऊपर कोई भी निर्णय नहीं लिया गया है। तीनों कोर्सों के लिए विधिवत्त कमेटी का गठन हुआ और उन्होंने अपनी रिपोर्ट्स पेश कर दी। मेरे पिताजी ने प्राइवेट नौकरी करते है एवं मुझे पढाने के लिए बैक से लोन लिया घर खर्च के साथ ही बैक की किस्त चुका रहे है साथ ही मेरे छोटे भाई-बहिनों की जिम्मेदारी भी उन पर है मैने सोचा नर्सिग करने के बाद अपने पिताजी का वनज थोड़ा कम हो जाऐगा लेकिन पता नही अब क्या होगा । विकास सारंग, नर्सिग विधार्थी मेरे पिताजी ने साहूकार से मेरे को पढ़ने के लिए उधार लिया और मेरी पढ़ाई के लिए लगाया अब में कैसे मेरे पिताजी उसको चुका पाएंगे। क्यों उनकी उम्मीद मैं ही हूँ - हर्श टेलर, नर्सिग विधार्थी नर्सिंग की पढ़ाई के दौरान मुझे चारों साल तक स्कॉलरशिप मिली और पूरा पैसा मुझे मिला। अगर कॉलेज मान्यता प्राप्त नहीं था तो सरकार ने स्कॉलरशिप क्यों दी - कीर्ति कुमारी, नर्सिग विधार्थी मेरे घर में मेरी माँ छोटी मोटी नौकरी करके घर का गुजारा चलाती है और अपनी जमीन बेच के मेरी माँ ने मुझे पढ़ाने के लिए भेजा लेकिन अब कैसे हमारा गुजारा होगा राहूल, नर्सिग विधार्थी ।

Our skilled medical team has achieved a remarkable milestone

We are thrilled to share the news of a successful surgery performed at PMCH! Our skilled medical team has achieved a remarkable milestone by performing a complex esophageal duplication cyst surgery on a 7-month-old baby. This significant achievement highlights our commitment to providing exceptional medical care and innovative treatments. Congratulations to our dedicated doctors and medical staff for their hard work and expertise

पीएमसीएच में किया योगाभ्यास

पेसिफिक मेडिकल विष्वविधालय की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में अपनी भागीदारी निभाने के उददेष्य से सरकार के तयषुदा कार्यक्रम के अनुसार योगाभ्यास किया गया। कार्यक्रम के इस अवसर पर विष्वविधालय के वाइस चॉसलर डॉ. एम. एम. मंगल ने कहा कि योग इस विष्व में एक ऐसी विधा है जिसके द्वारा मनुष्य न केवल वृध्दावस्था में युवाओ के समान फिट रह सकता है बल्कि सुन्दर भी बन सकता है। इस अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल, पोर्सिफक डेन्टल कॉलेज एण्ड रिसर्च सेन्टर के साथ साथ विष्वविधालय के संगठक कॉलेजों के विधार्थियो एवं फैकल्टी मेम्बरो ने भाग लिया। इस अवसर पर पीएमयू की प्रो. वी. सी. एवं फिजियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ.संगीता चैहान, बायोकैमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर एवं हेड डॉ.नीता साही,जनरल सर्जरी में प्रोफेसर एवं योग प्रशिक्षक डॉ. गुरुदत्त बसरूर सहित अन्य डीन एण्ड डायरेक्टर उपस्थित रहे।

पीएमसीएच में किया योगाभ्यास

पेसिफिक मेडिकल विष्वविधालय की ओर से अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस में अपनी भागीदारी निभाने के उददेष्य से सरकार के तयषुदा कार्यक्रम के अनुसार योगाभ्यास किया गया। कार्यक्रम के इस अवसर पर विष्वविधालय के वाइस चॉसलर डॉ. एम. एम. मंगल ने कहा कि योग इस विष्व में एक ऐसी विधा है जिसके द्वारा मनुष्य न केवल वृध्दावस्था में युवाओ के समान फिट रह सकता है बल्कि सुन्दर भी बन सकता है। इस अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस कार्यक्रम में पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पीटल, पोर्सिफक डेन्टल कॉलेज एण्ड रिसर्च सेन्टर के साथ साथ विष्वविधालय के संगठक कॉलेजों के विधार्थियो एवं फैकल्टी मेम्बरो ने भाग लिया। इस अवसर पर पीएमयू की प्रो. वी. सी. एवं फिजियोलॉजी की प्रोफेसर डॉ.संगीता चैहान, बायोकैमिस्ट्री विभाग की प्रोफेसर एवं हेड डॉ.नीता साही,जनरल सर्जरी में प्रोफेसर एवं योग प्रशिक्षक डॉ. गुरुदत्त बसरूर सहित अन्य डीन एण्ड डायरेक्टर उपस्थित रहे।

डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग, रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में नर्सिंग कर्मियों के लिए डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग व रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. निलेश पाटीदार ने नर्सिंग कर्मियों को डायबिटीज से जुड़ी भ्रांतियों तथा इंसुलिन के सही उपयोग और लगाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. पाटीदार ने बताया कि लगभग पचास प्रतिशत लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे मधुमेह रोग से ग्रसित हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह, नियमित जांच एवं उपचार के माध्यम से मधुमेह को नियंत्रित कर उससे होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। कार्यशाला के दौरान नर्सिंग अधीक्षक भारत पाटीदार, रमेश आर्य, चंद्रकांत सखदेव, स्वीटी जोशी व गजेंद्र मेघवाल सहित 40 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया।

डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग, रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में नर्सिंग कर्मियों के लिए डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग व रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. निलेश पाटीदार ने नर्सिंग कर्मियों को डायबिटीज से जुड़ी भ्रांतियों तथा इंसुलिन के सही उपयोग और लगाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. पाटीदार ने बताया कि लगभग पचास प्रतिशत लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे मधुमेह रोग से ग्रसित हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह, नियमित जांच एवं उपचार के माध्यम से मधुमेह को नियंत्रित कर उससे होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। कार्यशाला के दौरान नर्सिंग अधीक्षक भारत पाटीदार, रमेश आर्य, चंद्रकांत सखदेव, स्वीटी जोशी व गजेंद्र मेघवाल सहित 40 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया।

डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग, रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल में नर्सिंग कर्मियों के लिए डायबिटीज जागरूकता एवं इंसुलिन के उपयोग व रखरखाव पर कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. निलेश पाटीदार ने नर्सिंग कर्मियों को डायबिटीज से जुड़ी भ्रांतियों तथा इंसुलिन के सही उपयोग और लगाने के तरीकों पर विस्तार से जानकारी दी। डॉ. पाटीदार ने बताया कि लगभग पचास प्रतिशत लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे मधुमेह रोग से ग्रसित हैं। समय पर चिकित्सकीय सलाह, नियमित जांच एवं उपचार के माध्यम से मधुमेह को नियंत्रित कर उससे होने वाली जटिलताओं से बचा जा सकता है। कार्यशाला के दौरान नर्सिंग अधीक्षक भारत पाटीदार, रमेश आर्य, चंद्रकांत सखदेव, स्वीटी जोशी व गजेंद्र मेघवाल सहित 40 से अधिक नर्सिंग कर्मियों ने भाग लिया।

PMCH,उदयपुर के डॉक्टरों ने 2 साल की चेतना को नया जीवन दिया।

PMCH,उदयपुर के डॉक्टरों ने 2 साल की चेतना को नया जीवन दिया। चेतना को गंभीर स्वास्थ्य समस्या थी, जिसे सर्जरी के माध्यम से सफलतापूर्वक ठीक किया गया। डॉक्टर अल्का माथुर और डॉ. एस.पी. सिंह के नेतृत्व में डॉ. उमेश, डॉ. सोफिया, डॉ. ईशान और डॉ. निधि सहित टीम ने यह महत्वपूर्ण सर्जरी की। चेतना के माता-पिता ने डॉक्टरों का आभार व्यक्त किया और अस्पताल के प्रशासन ने सफल इलाज पर खुशी जताई।

स्ट्रोक और एक्स कॉन्फ्रेंस 2024

उदयपुर में PMCH स्ट्रोक और एक्स कॉन्फ्रेंस 2024 रिहेबिलिटेशन की आधुनिक तकनीक एवं सिरदर्द के कारणों पर मंथन!

11वीं उदयपुर कॉन्कॅस ऑन स्ट्रोक एंड एक्स: मस्तिष्क रोग विशेषज्ञों से सीखें!

11वीं उदयपुर कॉन्कॅस ऑन स्ट्रोक एंड एक्स आयोजित हो रहा है, जहाँ मस्तिष्क रोग विशेषज्ञ, न्यूरो रिहेबिलिटेशन एक्सपर्ट्स और चिकित्सक शिरकत करेंगे। यह एक अद्भुत अवसर है जहाँ आप: स्ट्रोक और एक्स के बारे में नवीनतम जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। मस्तिष्क रोगों की रोकथाम और प्रबंधन के बारे में जान सकते हैं। विशेषज्ञों से अपने प्रश्नों का उत्तर प्राप्त कर सकते हैं। अन्य चिकित्सकों और रोगियों से जुड़ सकते हैं। यह कार्यक्रम सभी के लिए खुला है, इसलिए यदि आप मस्तिष्क स्वास्थ्य में रुचि रखते हैं, तो आज ही शामिल हों!

पी.एम.सी.एच. में 60 महिलाओं की निःशुल्क स्वास्थ्य जांच

यह शिविर महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए आयोजित किया गया था। हम महिलाओं को उनके स्वास्थ्य का ध्यान रखने और नियमित रूप से स्वास्थ्य जांच करवाने के लिए प्रोत्साहित करते हैं।

सेंट्रल जेल के कर्मचारियों को दिया सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, भीलों का बेडला की ओर से आज मंगलवार 4 जून को सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत सेंट्रल जेल उदयपुर के जेल प्रहरी एवं कर्मचारियों को सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर पीएमसीएच के विशेषज्ञों द्वारा सेंट्रल जेल के कर्मचारियों को सीपीआर एवं फर्स्ट एड का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पैसिफिक के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बताया कि आपातकालीन स्थिति जैसे अचानक दिल के दौरे में सीपीआर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न संस्थानों में पीएमसीएच द्वारा सीपीआर एवं फर्स्ट एड की कार्यशालाएं आयोजित कर जन-जागरूकता फैलाई जाएगी।

सेंट्रल जेल के कर्मचारियों को दिया सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल, भीलों का बेडला की ओर से आज मंगलवार 4 जून को सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत सेंट्रल जेल उदयपुर के जेल प्रहरी एवं कर्मचारियों को सीपीआर एवं फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया गया। इस अवसर पर पीएमसीएच के विशेषज्ञों द्वारा सेंट्रल जेल के कर्मचारियों को सीपीआर एवं फर्स्ट एड का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। पैसिफिक के चेयरमैन राहुल अग्रवाल ने बताया कि आपातकालीन स्थिति जैसे अचानक दिल के दौरे में सीपीआर की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिससे किसी व्यक्ति की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि सीपीआर जागरूकता सप्ताह के तहत विभिन्न संस्थानों में पीएमसीएच द्वारा सीपीआर एवं फर्स्ट एड की कार्यशालाएं आयोजित कर जन-जागरूकता फैलाई जाएगी।

पी.एम.सी.एच. में मरीजों की भारी भीड़, आपका स्वास्थ्य, हमारा संकल्प

पीएमसीएच में मरीजों की भारी भीड़ के बावजूद, आपके स्वास्थ्य के प्रति हमारी प्रतिबद्धता अटूट है। डॉक्टरों, नर्सों और सहायक कर्मचारियों की हमारी समर्पित टीम हर मरीज को सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करने के लिए अथक प्रयास कर रही है। हम आपके द्वारा अनुभव किए जा रहे लंबे इंतजार के समय और निराशा को समझते हैं, और किसी भी असुविधा के लिए हम ईमानदारी से माफी मांगते हैं।

राइनोलॉजी सर्जिकल वर्कशॉप उदयपुर चैप्टर 1 का आयोजन

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कान, नाक, गला (ईएनटी) रोग विभाग की ओर से राइनोलॉजी सर्जिकल वर्कशॉप उदयपुर चैप्टर–1 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस कार्यशाला में देश के कई प्रतिष्ठित ईएनटी विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का संयोजन सचिव डॉ. एम.एम. कोठारी ने किया। डॉ. एम.एम. कोठारी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य राइनोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और शोध पर चर्चा करना तथा उन्हें साझा करना था। इस अवसर पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें नाक से संबंधित बीमारियों के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्घाटन पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. मल्ल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उदयपुर के प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. अग्रवाल, डॉ. अरुण जोशी, डॉ. पी.पी. जैन सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में युवा एवं अनुभवी सर्जनों के लिए उपयोगी सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को नवीन सर्जिकल तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुगम ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

राइनोलॉजी सर्जिकल वर्कशॉप उदयपुर चैप्टर 1 का आयोजन

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के कान, नाक, गला (ईएनटी) रोग विभाग की ओर से राइनोलॉजी सर्जिकल वर्कशॉप उदयपुर चैप्टर–1 का आयोजन किया गया। दो दिवसीय इस कार्यशाला में देश के कई प्रतिष्ठित ईएनटी विशेषज्ञों ने भाग लिया। कार्यशाला का संयोजन सचिव डॉ. एम.एम. कोठारी ने किया। डॉ. एम.एम. कोठारी ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य राइनोलॉजी के क्षेत्र में नवीनतम तकनीकों और शोध पर चर्चा करना तथा उन्हें साझा करना था। इस अवसर पर विभिन्न सत्र आयोजित किए गए, जिनमें नाक से संबंधित बीमारियों के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा की गई। कार्यशाला का उद्घाटन पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. मल्ल द्वारा किया गया। इस अवसर पर उदयपुर के प्रसिद्ध ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. आर.एस. अग्रवाल, डॉ. अरुण जोशी, डॉ. पी.पी. जैन सहित अनेक वरिष्ठ चिकित्सक उपस्थित रहे। इस कार्यशाला में युवा एवं अनुभवी सर्जनों के लिए उपयोगी सत्र आयोजित किए गए, जिससे प्रतिभागियों को नवीन सर्जिकल तकनीकों की जानकारी प्राप्त हुई। ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुगम ने सभी प्रतिभागियों, वक्ताओं और आयोजकों का आभार व्यक्त किया।

हेपैटिक एन्सेफैलोपैथी के मरीज का सफल इलाज

52 वर्षीय मरीज को हेपैटिक एन्सेफैलोपैथी नामक गंभीर बीमारी से पीएमसीएच में नया जीवन मिला। मरीज 20 साल से शराब का सेवन कर रहा था। 22 दिनों के इलाज के बाद मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ हो गया है।

पैसिफिक फिजियोथेरेपी की चित्रकला स्पर्धा में सिखाए गुरु

पैसिफिक मेडिकल विवि के पैसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में एक दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों को गुरु सिखाए गए। इन्होंने बढ़-चढ़कर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में डॉ. राहुल गोचर ने स्टूडेंट्स को प्रशिक्षण दिया। प्रतियोगिता के तहत छात्रों को पेंटिंग से मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कॉलेज डीन डॉ. जफर खान, आशीष शर्मा, डॉ. दीपक लोहार, डॉ. फारूक मोहम्मद, डॉ. रेणुका पाल, डॉ. आदिल रजा अंसारी, डॉ. शुभम मेनारिया सहित कॉलेज छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. सोनम सोनी ने किया।

पैसिफिक फिजियोथेरेपी की चित्रकला स्पर्धा में सिखाए गुरु

पैसिफिक मेडिकल विवि के पैसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी में एक दिवसीय चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कॉलेज के विद्यार्थियों को गुरु सिखाए गए। इन्होंने बढ़-चढ़कर प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में डॉ. राहुल गोचर ने स्टूडेंट्स को प्रशिक्षण दिया। प्रतियोगिता के तहत छात्रों को पेंटिंग से मानसिक तनाव कम करने के साथ-साथ जीवन में सकारात्मक रहने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में कॉलेज डीन डॉ. जफर खान, आशीष शर्मा, डॉ. दीपक लोहार, डॉ. फारूक मोहम्मद, डॉ. रेणुका पाल, डॉ. आदिल रजा अंसारी, डॉ. शुभम मेनारिया सहित कॉलेज छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। संचालन डॉ. सोनम सोनी ने किया।

चिकित्सकों ने 3 साल की बच्ची को दिया नया जीवन, श्वास नली से ऑपरेशन कर निकाला मक्के का दाना

शहर में चि​कित्सकों ने 3 साल की बच्ची की श्वास नली में फंसे मक्के के दाने को ऑपरेशन कर निकाला और उसकी जान बचाई है. एमपी के मंदसौर निवासी 3 बर्षीय बच्ची रियॉसी ने मक्के का दाना निगल लिया जो बच्ची की श्वास नली में फंस गया. जिसके कारण उसे लगातार खांसी और सीने में दर्द के साथ साथ श्वास लेने में दिक्कत होने लगी. बच्चे की ऐसी स्थिति को देखते हुए परिजन उसे तुरन्त पीएमसीएच की इमरजेन्सी में लेकर आए. इमरजेन्सी में कान, नाक एवं गला रोग विशेषज्ञ डॉ शिव कौशिक ने तुरन्त बच्चे की जांच करने पर पता चला कि बच्ची के दोनो फेफड़ों के बीच में श्वास नली में कुछ बीज जैसा फंसा हुआ है. जिसकी वजह से उसे श्वास लेने में तकलीफ हो रही है. बच्ची का तुरन्त ऑपरेशन करना जरूरी था. चिकित्सकों की टीम ने बिना समय गंवाए बच्ची की बॉन्कोस्कापी करने का निर्णय लिया एवं सफलता पूर्वक मक्के के दाने को निकाल लिया गया. इस सफल ऑपरेशन में कान, नाक एवं गला रोग विभाग के डॉ एसएस कौशिक, डॉ रिचा गुप्ता, डॉ प्रकाश औदित्य, डॉ समीर गोयल एवं टीम का सहयोग रहा.

300 मरीजों को दी नि:शुल्क सेवाएं, पीएमसीएच के विशेषज्ञों ने

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर एवं सकल जैन समाज चावंड के संयुक्त तत्वावधान में चावंड में नि:शुल्क चिकित्सा जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। शिविर के अंतर्गत 200 से अधिक महिला रोगियों सहित कुल 300 मरीजों को पीएमसीएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। इस शिविर में डॉ. अतुलाभ वालपीटी, डॉ. हिमांशु दुबे नेत्र रोग, अस्थि रोग, शिशु रोग, ईएनटी एवं टी.बी. रोग, जनरल मेडिसिन तथा नेत्र रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। मरीजों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श व उपचार संबंधी जानकारी दी गई।

300 मरीजों को दी नि:शुल्क सेवाएं, पीएमसीएच के विशेषज्ञों ने

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, उदयपुर एवं सकल जैन समाज चावंड के संयुक्त तत्वावधान में चावंड में नि:शुल्क चिकित्सा जांच एवं परामर्श शिविर का आयोजन हुआ। शिविर के अंतर्गत 200 से अधिक महिला रोगियों सहित कुल 300 मरीजों को पीएमसीएच के विशेषज्ञ डॉक्टरों द्वारा नि:शुल्क चिकित्सा सेवाएं प्रदान की गईं। इस शिविर में डॉ. अतुलाभ वालपीटी, डॉ. हिमांशु दुबे नेत्र रोग, अस्थि रोग, शिशु रोग, ईएनटी एवं टी.बी. रोग, जनरल मेडिसिन तथा नेत्र रोग विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। मरीजों की जांच कर उन्हें उचित परामर्श व उपचार संबंधी जानकारी दी गई।

पीएमसीएच में महिला ने दिया एक साथ तीन बच्चों को जन्म

मेडिकल चिकित्सा के क्षेत्र में लगातार उपलब्धियां हासिल कर रहे उदयपुर के भीलों का बेदला स्थित पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में एक महिला ने तीन बच्चों को जन्म दिया। ये बच्चें गर्भावस्था के 34वें सप्ताह में नियत तारीख से 6 सप्ताह पहले समय से पहले पैदा हुए थे। प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागघ्यक्ष एवं ऑपरेटिंग सर्जन डॉ. राजरानी शर्मा ने बताया की पीएमसीएच में सिजेरियन सेक्शन द्वारा बिना किसी जटिलता के तीन बच्चों का जन्म हुआ। शिशुओं का वजन 1.84 किलोग्राम, 1.65 किलोग्राम और 1.49 किलोग्राम था। गर्भावस्था अत्यधिक जोखिमपूर्ण थी क्योंकि माँ गर्भकालीन मधुमेह,प्री एक्लम्पसिया,एनीमिया और हाइपोथायरायडिज्म का आदि समस्याओं से ग्रसित थी।

सुरक्षित मातृत्व, सर्वाइकल कैंसर,बांझपन और रजोनिवृत्ति विषयों पर पुस्तिकाओ का विमोचन

एक महिला को अपने जीवन मे कई सारे बदलावों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में इस दौरान महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति जन जागरूकता लाने के मकसद से पेसिफिक मेडिकल काॅलेज एण्ड हास्पिटल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की ओर से सुरक्षित मातृत्व,(प्रसव पूर्व एवं प्रसव उपरान्त) सर्वाइकल कैंसर, बांझपन और रजोनिवृत्ति जैसे विषयों पर पुस्तिकाओ का विमोचन पेसिफिक मेडिकल यूनिवर्सिटी, उदयपुर के चेयरपर्सन राहुल अग्रवाल,पीएमसीएच के एक्जिक्यूटिव डाॅयरेक्टर अमन अग्रवाल,प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ प्रोफेसर डॉ. राजरानी शर्मा ने किया। विमोचन पर राहुल अग्रवाल ने कहा कि ये पुस्तिकाएं अस्पताल के प्रसवपूर्व,बांझपन और रजोनिवृत्ति क्लीनिकों में आने वाले मरीजों के बीच जागरूकता पैदा करने के लिए एक बड़ा कदम हैं।

पीएमसीएच में चिकित्सा शिक्षा प्रौद्योगिकियों पर कार्यशाला शुरू

पैसिफिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (पीएमसीएच) भीलों का देहला में चिकित्सा शिक्षकों (चिकित्सा शिक्षा में बुनियादी पाठ्यक्रम) के लिए चिकित्सा शिक्षा प्रौद्योगिकियों पर एक कार्यशाला आज से शुरू हुई। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के पर्यवेक्षक प्रो. अभा माथुर, एसोसिएट प्रोफेसर, सामुदायिक चिकित्सा, गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज की देखरेख में 29 अप्रैल से 1 मई 2024 तक चलने वाली इस कार्यशाला का उद्घाटन पीएमसीएच के प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. मल्ल ने किया। कार्यशाला के समन्वयक जनरल सर्जरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. गौरव वर्धन रहे। डॉ. गौरव वर्धन ने बताया कि इस पाठ्यक्रम के अनुसार मेडिकल कॉलेजों में योग्यता आधारित चिकित्सा शिक्षा के तहत छात्रों को पढ़ाने के लिए संकाय सदस्यों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस कार्यशाला में पीएमसीएच की फैकल्टी द्वारा चिकित्सा शिक्षा की नवीन तकनीकों पर व्याख्यान दिए गए। कार्यशाला में 30 प्रतिभागियों (संकाय सदस्यों) ने भाग लिया। इस कार्यशाला का उद्देश्य ऐसे सक्षम डॉक्टर तैयार करना है, जो भविष्य में छात्रों को बेहतर ढंग से शिक्षित कर सकें तथा मरीजों को उच्च गुणवत्ता वाली चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सकें।

कोल्पोस्कॉपी पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन

महिलाओं में बच्चेदानी के मुॅह के यानि सर्विक्स कैंसर के इलाज में कारगार कोल्पोस्कॉपी पर पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओर से एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्घाटन पीएमसीएच के चेयरमेन राहुल अग्रवाल,सीईओ शरद कोठारी,पीएमयू के वाइस चॉसलर डॉ.एम.एम.मंगल,एडवाईजर टू चेयरमेन डॉ.ए.पी.गुप्ता, पीएमसीएच के चिकित्सा अधीक्षक ब्रिगेडियर डॉ.आर.के. सिंह, अहमदाबाद की स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं कैंसर सर्जन डॉ.अंजना चौहान, स्त्री रोग ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. रौनक भंसाली और स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की विभागाध्यक्ष एवं वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ.राजरानी शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन करके किया।

मरीज पिछले 6 महीने से छाती में दर्द, पेट दर्द, बुखार और पसीना आने की समस्या से पीड़ित था।

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग ने लिवर एब्सेस से पीड़ित 41 वर्षीय मरीज के लिवर से एक लीटर से ज्यादा मवाद निकाल कर उसे भविष्य में होने वाले गंभीर बीमारी से बचाया। मरीज पिछले 6 महीने से छाती में दर्द, पेट दर्द, बुखार और पसीना आने की समस्या से पीड़ित था। डॉ. वीरेन्द्र गोयल की टीम ने रेडियोलॉजी विभाग की मदद से बिना ऑपरेशन किए मरीज के लिवर से पिगटेल नली लगाकर लगभग एक लीटर से अधिक मवाद निकाली गई। मरीज अभी पूरी तरह से स्वस्थ्य है एवं उसे छुट्टी दे दी गई है |

दौड़ लगाकर दिया किडनी सुरक्षा का संदेश

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल एवं पेसिफिक कॉलेज ऑफ फिजियोथेरेपी के संयुक्त तत्वाधान में विश्व गुर्दा दिवस 14 मार्च 2024 के अवसर पर आमजन में जागरूकता लाने के लिए रन फोर किडनी एवं किडनी हैल्थ जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. मोहित नरेड़ी ने बताया कि इस जागरूकता कार्यक्रम की शुरुआत फतहसागर पर किडनी हेल्थ फोर ऑल थीम पर एक मैराथन दौड़ का आयोजन कर कि गई इस मैराथन दौड को पीएमसीएच के चेयरमैन राहुल अग्रवाल, ऐक्जिक्यूटिव डॉयरेक्टर अमन अग्रवाल, ने झण्डी दिखाकर रवाना किया

पेसिफिक हॉस्पिटल मे 54वर्षीय महिला को नया जीवन दिया।

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज एण्ड हॉस्पिटल के वक्ष एवं क्षय रोग विभाग के चिकित्सकों की टीम में 54वर्षीय महिला के फेफड़े में फंसे चने के दाल जैसे टुकडें को निकाल कर नया जीवन दिया।

पेसिफिक हॉस्पिटल के बाल एवं शिशु रोग विभाग की ओर से एक दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट पाठ्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित हुई।

पेसिफिक मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल के बाल एवं शिशु रोग विभाग की ओर से एक दिवसीय बेसिक लाइफ सपोर्ट पाठ्यक्रम पर कार्यशाला आयोजित हुई। कार्यशाला का शुभारंभ अस्पताल के कार्यकारी निदेशक अमन अग्रवाल, सीईओ शरद कोठारी, प्रिसिंपल डॉ. एम.एम मंगल, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आर. के. सिंह, बाल एवं शिशु रोग विभाग के डॉ. सुधीर मावड़िया और आई.ए.पी उदयपुर के अध्यक्ष डॉ. भूपेश जैन ने किया |

Inspirational Speaker Mohan to Address PMCH

Renowned motivational speaker, Mohan, is set to deliver a compelling lecture on the topic "Equality and Service: Essential Elements for Harmony in Life" at Pacific Medical College and Hospital (PMCH) in Udaipur on February 3rd. The event, scheduled for 10 am, will be inaugurated by Dr. M. M. Mangal, the principal of PMCH. Describing Mohan as a global humanist dedicated to promoting selflessness over selfishness across generations, Dr. Mangal emphasized Mohan's mission to instill compassion in the hearts of people. Mohan firmly believes that humanity is the best religion for mankind, and non-violence is the finest practice in thoughts, words, and actions.